ईरान ने लिया अमेरिकी हमले का बदला! जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में दागीं मिसाइलें, ड्रोन हमलों से बढ़ी टेंशन, क्या फिर छिड़ेगा युद्ध?

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब खाड़ी और आसपास के देशों तक पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया। इसके कुछ ही समय बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। जॉर्डन की सेना ने ईरान से आई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की बात कही है। वहीं कुवैत और बहरीन में ड्रोन हमलों के खतरे के बीच एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए। इससे क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है।
सैन्य टकराव का असर दूसरे देशों पर
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ताजा सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के अनुसार, हमले एक सितंबर को किए गए। इनमें IRGC से जुड़े एयर डिफेंस ठिकानों, रडार सिस्टम, समुद्री सुविधाओं, कम्युनिकेशन साइट्स और माइन बिछाने की क्षमता वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैनिकों और कमर्शियल शिपिंग को खतरे के जवाब में की गई। इस इलाके को दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है।
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ईरान ने मिसाइलों से दिया जवाब
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसे अमेरिकी कार्रवाई का जवाब बताया। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके हवाई क्षेत्र में 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दाखिल हुईं। इनमें से 10 को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में जाकर गिरीं। जॉर्डन में मफराक और अकाबा समेत कुछ इलाकों में खतरे की चेतावनी देने वाले सायरन भी सुनाई दिए। अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं में किसीईरानी हमलों का असर सिर्फ जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा। कुवैत और बहरीन ने भी ड्रोन से जुड़े खतरे की जानकारी दी। दोनों देशों में सुरक्षा एजेंसियों ने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया। बहरीन खास तौर पर के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बहरीन और कुवैत में भी बढ़ी चिंता
ईरानी हमलों का असर सिर्फ जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा। कुवैत और बहरीन ने भी ड्रोन से जुड़े खतरे की जानकारी दी। दोनों देशों में सुरक्षा एजेंसियों ने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया। बहरीन खास तौर पर अहम है, क्योंकि यहां अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट का मुख्यालय है। कुवैत में भी अधिकारियों ने बताया कि एयर डिफेंस ने संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों का मुकाबला किया। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और ज्यादा बढ़ा दी गई है।
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ट्रंप ने दी और बड़े हमले की चेतावनी
ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अमेरिका के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई करता है तो उसका जवाब और ज्यादा ताकत के साथ दिया जा सकता है।



















