ईरान ने फिर बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज :अमेरिका और इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप, क्या बढ़ने वाला है वैश्विक तेल संकट?

ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) से जहाजों की आवाजाही बंद करने की घोषणा की है। ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने हाल ही में हुए समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
अमेरिका और इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने से जुड़े समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन किया है। वहीं इजरायल पर दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटाने और लगातार युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया गया है। ईरान ने कहा कि इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
'यह सिर्फ पहला कदम है'
ईरानी सैन्य मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करना केवल पहला कदम है। यदि कथित उल्लंघन और सैन्य गतिविधियां जारी रहीं तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
इसी सप्ताह हुआ था समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच इसी सप्ताह एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की घोषणा की गई थी और क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि अब ईरान के नए फैसले से स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे हालात पर नजर बनाए हुए हैं और कूटनीतिक बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश जारी है। हालांकि ईरान के दावों और जमीनी स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं।











