इंदौर। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पर्यटन और एविएशन सेक्टर पर साफ नजर आने लगा है। दुबई और शारजाह जैसे प्रमुख डेस्टिनेशन पर भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर में इसका प्रभाव और अधिक देखने को मिल रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए संचालित एयर इंडिया एक्सप्रेस की नियमित फ्लाइट IX255 पिछले कुछ समय से बंद है। मार्च 2026 में पहली बार ऐसा हुआ जब पूरे महीने इंदौर से दुबई या शारजाह के लिए एक भी अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान संचालित नहीं हुई। आखिरी उड़ान 28 फरवरी को उड़ान संचालित हुई थी।
ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि पहले इंदौर-शारजाह रूट पर हर महीने औसतन 9 से 10 हजार यात्रियों का आवागमन होता था। बड़ी संख्या में लोग दुबई-शारजाह शॉपिंग, पारिवारिक यात्रा और व्यावसायिक कार्यों के लिए जाते थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है। कोविड के बाद पहली बार ऐसी स्थिति हुई है। इस स्थिति से उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहले हर सप्ताह 50 से 60 दुबई टूर पैकेज की बुकिंग होती थी, जबकि मार्च माह में एक भी बुकिंग नहीं हुई। लगातार कैंसिलेशन के चलते कई एजेंसियों को स्टाफ कम करना पड़ा है और कुछ ने अपने ऑफिस बंद करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। वहीं अन्य ट्रैवल एजेंटों के अनुसार,यात्रियों का रुझान भी तेजी से बदल रहा है। अब इंदौर सहित देशभर के पर्यटक सिंगापुर, मलेशिया, बाली, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इन डेस्टिनेशन को अपेक्षाकृत सुरक्षित, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो दुबई टूरिज्म सेक्टर को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिससे काफी परेशानी आएगी।