लखनऊ। सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करना अब खतरे से खाली नहीं रहा। लखनऊ के इंदिरानगर के रहने वाले राहुल वर्मा के साथ जो हुआ, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, लेकिन यह हकीकत है। इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती ने उन्हें सीधे अपराधियों के जाल में फंसा दिया।
राहुल ने बताया कि 30 नवंबर 2025 को उनकी पहचान इंस्टाग्राम पर शिवम उपाध्याय नाम के युवक से हुई। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही दिनों में शिवम ने उन्हें घूमने के बहाने मिलने के लिए बुला लिया।
राहुल तय समय पर रात करीब 8:20 बजे खुर्रमनगर स्थित मस्जिद के पास पहुंचे। वहां शिवम पहले से मौजूद था। उसने राहुल को बाइक पर बैठाया और सीमैप की ओर ले जाने लगा। रास्ते में अचानक बाइक रोक दी गई और यहीं से शुरू हुआ डर का असली खेल।
कुछ ही देर में शिवम के दो साथी, संदीप गौतम और विवेक कुमार भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि संदीप ने राहुल की जेब में एक पुड़िया रख दी और उन्हें गांजा तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगा।
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जब राहुल ने विरोध किया, तो विवेक ने चाकू निकाल लिया। तीनों आरोपियों ने मिलकर राहुल को जबरदस्ती पास के जंगल में ले जाकर बंधक बना लिया। उनके मुंह पर कपड़ा बांध दिया गया और लात-घूसों से बुरी तरह पीटा गया।
इस दौरान आरोपियों ने राहुल से 8500 रुपए नकद और उनकी सोने की चेन छीन ली। इतना ही नहीं, उनसे जबरदस्ती 4000 रुपए ऑनलाइन भी ट्रांसफर कराए गए।
घटना यहीं खत्म नहीं हुई। आरोपियों ने राहुल का वीडियो भी बना लिया, ताकि आगे उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। रात करीब 10:30 बजे तीनों आरोपी उन्हें वापस बाइक पर बैठाकर खुर्रमनगर में छोड़ गए।
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डर और सदमे में राहुल ने अगले दिन इलाज कराया, लेकिन घटना की शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। आखिरकार 20 मार्च को उन्होंने इंदिरानगर थाने में तहरीर दी।
इंदिरानगर थाना प्रभारी अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मामला पुराना जरूर है लेकिन गंभीर है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नामजद आरोपी पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं।