International Family Day:रिश्तों की असली ताकत, जानिए क्यों खास है अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस ?

परिवार सिर्फ रिश्तों का नाम नहीं होता, बल्कि वो अपना एहसास होता है जहां हर खुशी दोगुनी और हर दुख आधा हो जाता है। जब इंसान जिंदगी की भागदौड़ में थक जाता है, तब परिवार ही उसका सबसे बड़ा सहारा बनता है। मां का प्यार, पिता का भरोसा, भाई-बहनों का साथ और अपनों की परवाह इंसान को हर मुश्किल से लड़ने की हिम्मत देती है। हर साल 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया की सबसे बड़ी खुशी और असली दौलत परिवार का प्यार और अपनापन है।
क्यों खास है परिवार दिवस ?
आजकल लोग काम और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो गए हैं कि परिवार के साथ समय बिताना कम होता जा रहा है। ऐसे में परिवार दिवस हमें अपने रिश्तों को समय देने और अपनों की भावनाओं को समझने का मौका देता है। एक खुशहाल परिवार ही अच्छे समाज और बेहतर भविष्य की नींव होता है। परिवार साथ हो तो जिंदगी की हर परेशानी आसान लगने लगती है।
अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस का इतिहास
अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की शुरुआत की कहानी काफी दिलचस्प है। 1980 के दशक में संयुक्त राष्ट्र ने परिवारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना शुरू किया। साल 1983 में यह कहा गया कि समाज और विकास में परिवार की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बाद कई बैठकों और चर्चाओं के जरिए परिवारों के महत्व को दुनिया के सामने लाया गया। फिर 9 दिसंबर 1989 को संयुक्त राष्ट्र ने 'परिवार का अंतरराष्ट्रीय वर्ष' घोषित किया। इसके बाद 1993 में फैसला लिया गया कि हर साल 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाएगा। इस दिन का मकसद लोगों को परिवार की अहमियत समझाना और परिवारों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना है।
विकास में परिवार की अहम भूमिका
साल 2015 में संयुक्त राष्ट्र के 193 देशों ने मिलकर 17 सतत विकास लक्ष्य तय किए। इनका उद्देश्य गरीबी खत्म करना, भेदभाव रोकना और सभी के लिए बेहतर जीवन बनाना है। इन लक्ष्यों को पूरा करने में परिवार की भूमिका सबसे अहम मानी गई है। क्योंकि मजबूत परिवार ही एक सुरक्षित, खुशहाल और बेहतर समाज की पहचान होते हैं।
परिवार को मजबूत बनाने के आसान तरीके
आज के समय में परिवार से जुड़े रहना बहुत जरूरी है। छोटे-छोटे कदम रिश्तों को और मजबूत बना सकते हैं।
- ‘नो गैजेट जोन’ बनाएं
कुछ समय ऐसा तय करें जब परिवार के सभी लोग मोबाइल और टीवी से दूर रहें। - तकनीक का सही इस्तेमाल करें
फोन और वीडियो कॉल के जरिए दूर रहकर भी अपनों से जुड़े रहें। - डिजिटल शिष्टाचार अपनाएं
परिवार के साथ बैठते समय मोबाइल में ज्यादा व्यस्त न रहें। - साथ में समय बिताएं
खाना साथ खाएं, गेम खेलें या छोटी-छोटी एक्टिविटीज करें। - फैमिली ग्रुप का अच्छा उपयोग करें
परिवार के ग्रुप में प्यार, खुशी और जरूरी बातें शेयर करें।
परिवार के साथ जुड़े रहना सबसे जरूरी
परिवार को जोड़े रखने के लिए बड़े काम नहीं, बल्कि छोटे-छोटे प्रयास जरूरी होते हैं। ये आदतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर ही नहीं, बल्कि हर दिन अपनानी चाहिए ताकि रिश्तों में प्यार, अपनापन और भरोसा हमेशा बना रहे।












