
इंदौर में सड़क पर चलना अब सिर्फ ट्रैफिक का नहीं, बल्कि अपराधियों के नए जाल से बचने का भी मामला बनता जा रहा है। शहर के बांगड़दा क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित गिरोह का खौफनाक चेहरा सामने आया है, जो मामूली टक्कर का बहाना बनाकर राह चलते लोगों से जबरन वसूली कर रहा है। इस गिरोह की करतूत का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है।
घटना बड़ा बांगड़दा रोड स्थित कालका माता मंदिर चौराहे की बताई जा रही है, जहां एक परिवार को बीच सड़क रोककर आतंकित किया गया। उज्जैन जिले के नागदा से आए एक दंपती अपनी रिश्तेदारी में शादी का निमंत्रण देने इंदौर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि शहर में उनका सामना ऐसे अपराधियों से होगा। चौराहे पर अचानक एक युवक ने उनकी कार के सामने आकर रास्ता रोक लिया। उसके हाथ में डंडा था और वह बेहद आक्रामक अंदाज में कार के पास पहुंचा। उसने ड्राइवर पर हमला करने की कोशिश की और कार में बैठी महिला व छोटी बच्ची के सामने ही अभद्रता शुरू कर दी। महिला बार-बार हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी पर कोई असर नहीं हुआ।
करीब दस मिनट तक यह पूरा घटनाक्रम चलता रहा। बदमाश ने टक्कर का आरोप लगाते हुए पैसे की मांग की और परिवार को डराकर रकम वसूलने की कोशिश करता रहा। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ ने वीडियो तो बनाया, लेकिन किसी ने आगे बढ़कर मदद करने की हिम्मत नहीं दिखाई शनिवार को जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच में सामने आया कि हमलावर की पहचान मंगल शर्मा के रूप में हुई है, जो दुर्गा कॉलोनी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है। आरोपी लंबे समय से इसी तरह की हरकतों में लिप्त है और नशे की हालत में राहगीरों को निशाना बनाकर अवैध वसूली करता है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह कार्रवाई से पहले ही फरार हो गया। इस मामले ने एक बड़े नेटवर्क की ओर भी इशारा किया है। क्षेत्र के वाहन चालकों का कहना है कि मरीमाता चौराहे से लेकर छोटा बांगड़दा रोड तक ऐसे कई लोग सक्रिय हैं, जो जानबूझकर वाहनों से टक्कर कराते हैं और फिर घायल होने का नाटक कर डराकर पैसे ऐंठते हैं। कई मामलों में उनके साथी भी मौके पर पहुंचकर दबाव बनाते हैं, जिससे पीड़ित डरकर रकम देने को मजबूर हो जाते हैं।