
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक दिल दहला देने वाली हत्या ने पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आठ साल के बच्चे के सामने उसके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी गई, और अब इस पूरे मामले में थाना प्रभारी की लापरवाही कटघरे में है। घटना के बाद पुलिस कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी को तलब कर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश साहू, जो पेशे से इलेक्ट्रीशियन थे, को बदमाशों ने खुलेआम निशाना बनाया। वारदात इतनी निर्मम थी कि मासूम बेटे के सामने ही उसके पिता को मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
जिस इलाके में यह हत्या हुई, वहां स्थित जाम बगीची में हर शाम बड़ी संख्या में नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है, जहां खुलेआम नशाखोरी होती है—फिर भी पुलिस की मौजूदगी नाममात्र की रहती थी।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि अगर समय रहते क्षेत्र में सक्रिय पुलिसिंग होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस केवल घटना के बाद सक्रिय होती है, या फिर पहले से अपराध रोकने की जिम्मेदारी भी निभाएगी?