बीच सड़क पर बोरिंग से मचा बवाल: तस्वीर वायरल; पार्षद बोले- मजबूरी थी, कांग्रेस ने उठाए सवाल

इंदौर। शहर के गिरधर नगर क्षेत्र में सड़क के बीच कराई गई बोरिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। तस्वीरों को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सार्वजनिक सड़क के बीचों-बीच बोरिंग कैसे कर दी गई। हालांकि, स्थानीय पार्षद का दावा है कि यह निर्णय क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या के समाधान और तकनीकी मजबूरियों को देखते हुए लिया गया, जबकि कांग्रेस ने इसे लापरवाही बताते हुए सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।
गिरधर नगर में सड़क के बीच बनी बोरिंग इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। वार्ड-50 के पार्षद राजीव जैन ने बताया कि सड़क के एक ओर गैस पाइपलाइन और दूसरी ओर सीवरेज लाइन होने के कारण बोरिंग के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं था। तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह और स्थानीय रहवासियों की सहमति के बाद ही सड़क के मध्य बोरिंग कराई गई।
पार्षद के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था, जिसे देखते हुए यह निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि जल्द ही बोरिंग के चारों ओर चैंबर बनाकर उसे सड़क के स्तर के बराबर कर दिया जाएगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
स्थानीय रहवासियों माया जोशी, अक्षय जोशी और जतिन चौधरी ने भी पार्षद के निर्णय का समर्थन किया। उनका कहना है कि क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या थी और गैस पाइपलाइन तथा सीवरेज लाइन के कारण दूसरा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। उनका विश्वास है कि चैंबर बनने के बाद सड़क पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी।
वहीं कांग्रेस के सह प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जैन ने इस मामले को लेकर भाजपा के पार्षद और संबंधित अधिकारियों को घेरा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान आम नागरिकों और राहगीरों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। सार्वजनिक सड़क पर किसी भी प्रकार का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि भविष्य में दुर्घटना की आशंका न रहे।
फिलहाल सड़क के बीच बनी बोरिंग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अब निगाहें नगर निगम और संबंधित विभाग पर हैं कि वे इसे कितनी जल्दी सुरक्षित और स्थायी रूप से व्यवस्थित करते हैं, ताकि पानी की समस्या का समाधान भी बना रहे और यातायात की सुरक्षा भी प्रभावित न हो।












