Indore Rangpanchami Ger : रंगपंचमी की गेर में रंग-गुलाल उड़ा, डीजे पर जमकर थिरके लोग; कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को दिया रास्ता, समापन होते ही नगर निगम कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

इंदौर। शनिवार को इंदौर में रंगपंचमी की गेर की धूम रही। इंदौर के आसमान और सड़कों पर दिनभर रंग-गुलाल छाया रहा। सुबह 10 बजे से ही लोगों का हूजुम उमड़ने लगा। रंगपंचमी की गेर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे। उन्होंने रथ से पानी की बौछार कर रंग बरसाया। इसकी शुरुआत टोरी कॉर्नर से हुई। 5 घंटे में फागयात्रा समेत सभी गेर दोपहर 3.30 बजे राजवाड़ा पहुंच गई। इस दौरान लोग डीजे पर नाचते-गाते रहे। मशीनों से रंग-गुलाल उड़ाया गया। गेर खत्म होते ही नगर निगम की टीम ने गेर रूट की सफाई शुरू कर दी।
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गेर खत्म होने पर निगम कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
रंगपंचमी की गेर खत्म होते ही नगर निगम के 500 कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया। कुछ ही घंटे में सड़कों को साफ कर पहले की तरह स्वच्छ कर दिया। रंग-गुलाल और पानी से लेकर सड़क पर बिखरा सामान भी हटा दिया। https://twitter.com/psamachar1/status/1774030882308801007कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को दिया रास्ता
जब लाखों की भीड़ उत्सव के रंग में डूबी हुई थी, इसी दौरान एक एंबुलेंस मरीज को लेकर जा रही थी। सायरन सुनते ही लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर कॉरिडोर बनाया और एंबुलेंस को रास्ता देकर निकलवाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। https://twitter.com/psamachar1/status/1774027437002633676इंदौरियों का हृदय से आभार : सीएम
सीएम डॉ. मोहन यादव ने ‘X’ पर वीडियो शेयर कर लिखा- गेर के उल्लास और आनंद में डूबे पूरे राजवाड़ा में जहां तिल रखने की जगह न बची हो, कोई किसी को सुन न सके, वहां एक एंबुलेंस के गुजरने पर एक क्षण में रास्ता खाली होता देख अपने इंदौरी भाई-बहनों के लिए मेरे हृदय में प्यार व श्रद्धा और अधिक बढ़ गई। दूसरों के लिए आप सभी के दिल में प्रेम और सहयोग की जो अनंत भावना है, वह आत्मसात करने योग्य है। हृदय से आभार और अभिनंदन व्यक्त करता हूं।
तीन गेर और एक फागयात्रा निकाली गई
रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में तीन गेर और एक फागयात्रा निकाली गई। गेर में इंदौर के अलग-अलग संगठन के लोग अपने ग्रुप लेकर शहर की सड़कों पर उतरते हैं। इस दौरान चार पहिया वाहन, टेंकर जैसी गाड़ी में रंग भरकर रखा जाता है। फिर बड़ी पिचकारियों की मदद से लोगों पर रंगों की फुहार उड़ाई जाती है। हर साल इस गेर में लाखों लोग शामिल होते हैं। यह करीब 75 साल पुरानी परंपरा है।












