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इंदौर में किडनैपिंग के बाद बोले आरोपी:फिरौती के बाद बच्चों को ‘ठिकाने’ लगाने की थी साजिश

गीतानगर से अगवा किए गए दो मासूमों के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, मोबाइल रिकॉर्डिंग से खुली साजिश की परतें। फिरौती वसूलने के बाद बच्चों को खत्म करने तक की प्लानिंग थी। आरोपियों का गिरोह आगे भी ऐसी वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में था, पुलिस जांच में बड़े राज उजागर।
फिरौती के बाद बच्चों को ‘ठिकाने’ लगाने की थी साजिश

इंदौर - शहर में मासूमों के अपहरण का सनसनीखेज मामला अब और भी भयावह रूप ले चुका है। गीतानगर इलाके से दो बच्चों को अगवा कर मोटी फिरौती मांगने वाले गिरोह का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने पुलिस तक को हैरान कर दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों की नीयत सिर्फ पैसे ऐंठने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वारदात को अंजाम देने के बाद बच्चों को छोड़ने की भी कोई ठोस योजना नहीं थी।

मोबाइल फोन की गहराई से जांच

पलासिया थाना पुलिस द्वारा जब आरोपियों के मोबाइल फोन की गहराई से जांच की गई, तो उसमें छिपे राज एक-एक कर सामने आने लगे। पुलिस ने 25 से ज्यादा कॉल रिकॉर्डिंग खंगालीं, जिनमें अपराध की पूरी साजिश साफ तौर पर सुनाई दे रही है। इन रिकॉर्डिंग्स ने यह साबित कर दिया कि आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस किडनैपिंग को अंजाम दिया था।

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आरोपियों को पैसों की बेहद जरूरत

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में तिलकनगर निवासी विनीत प्रजापति और राधिका प्रजापति के साथ दत्तनगर के ललित उर्फ लल्ली और तनीषा उर्फ तन्नू शामिल हैं। सभी को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों को पैसों की बेहद जरूरत थी और इसी लालच ने उन्हें इस जघन्य अपराध की ओर धकेल दिया।

रकम के बंटवारे को लेकर आपस में बहस

रिकॉर्डिंग में आरोपियों के बीच बातचीत बेहद चौंकाने वाली है। वे अपहरण की प्लानिंग, बच्चों को कैसे फुसलाया जाए, कितनी रकम मांगी जाए। इन सब पर खुलकर चर्चा कर रहे थे। इतना ही नहीं, रकम के बंटवारे को लेकर भी आपस में बहस और गाली-गलौज तक हो रही थी। एक बातचीत में यह भी सामने आया कि फिरौती की रकम का हिस्सा निजी कर्ज और अन्य खर्चों में लगाने की योजना थी।

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काम सफल होता तो आगे भी करते इस तरह की वारदात 

सबसे डराने वाली बात यह रही कि आरोपी भविष्य में भी इस तरह की वारदातें करने के इरादे में थे। एक ऑडियो में साफ तौर पर कहा गया कि अगर यह काम सफल हो गया, तो आगे भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाएगा। यानी यह एक बार की घटना नहीं, बल्कि एक संभावित अपराध श्रृंखला की शुरुआत थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी करतूत को लेकर बिल्कुल बेखौफ थे। उन्हें भरोसा था कि पुलिस उनके तक नहीं पहुंच पाएगी। यहां तक कि एक बातचीत में एफआईआर दर्ज होने की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें एक आरोपी ने दूसरे को आश्वस्त किया कि सब कुछ ‘मैनेज’ कर लिया जाएगा।

शनिवार को हुआ रिक्रिएशन

पुलिस ने घटना के हर पहलू को समझने के लिए सीन रिक्रिएशन भी कराया। आरोपित महिला को उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। वहां उसने पूरी घटना को दोहराया। कैसे बच्चों को लालच देकर अपने साथ ले जाया गया और फिर आगे की साजिश को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के हर पहलू की जांच में जुटी है। साथ ही उन लोगों की भी भूमिका खंगाली जा रही है, जिन्हें इस साजिश की जानकारी थी या जो किसी न किसी रूप में इसमें जुड़े हो सकते हैं।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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