
इंदौर के हीरानगर में हुए सुरेंद्र साहू हत्याकांड के फरार आरोपियों पर आखिरकार पुलिस ने शिकंजा कस दिया। वारदात के बाद फरारी काट रहे दोनों आरोपी कानून से बचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर भागे, लेकिन उनकी चालाकी एक सतर्क पड़ोसी के सामने टिक नहीं सकी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक आरोपी आशीष राजपूत और आकाश वारदात के बाद सागर जिले के ग्राम बिनाका में अपने मामा के घर जाकर छिपे हुए थे। खुद को सुरक्षित समझ रहे इन आरोपियों ने वहीं अपने ‘गुनाह’ की कहानी बयां कर दी। मामा के पूछने पर आशीष ने कबूल किया कि उसके साथियों ने इंदौर में हत्या कर दी है और वह बचने के लिए यहां भागकर आया है। लेकिन यही ‘बेखौफ कबूलनामा’ उनके लिए फांसी का फंदा बन गया।

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आरोपियों की बातचीत एक पड़ोसी ने सुन ली और बिना देर किए पुलिस को सूचना दे दी। बस फिर क्या था। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए मौके पर दबिश दी। टीम का नेतृत्व कर रहे थाना प्रभारी सुशील पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो आरोपियों के होश उड़ गए। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। भागते-भागते दोनों गिर पड़े और पुलिस ने मौके पर ही उन्हें दबोच लिया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में दोनों को इंदौर लाया गया।
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पुलिस ने साफ किया है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को अब गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर की गई। ऑपरेशन में एसीपी रूबिना मिजवानी, टीआई सियाराम गुर्जर और हीरानगर पुलिस की टीम लगातार जुटी रही।