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सिद्दीकी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई से पहले :इंदौर हाई कोर्ट का 15 दिन का स्टे

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इंदौर हाई कोर्ट का 15 दिन का स्टे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। दिल्ली ब्लास्ट प्रकरण में, जांच एजेंसियों द्वारा जिन नेटवर्कों की पड़ताल लगातार जारी है, उनमें कुछ आरोपितों का संबंध कथित रूप से अलफला यूनिवर्सिटी से जुड़ने के दावे सामने आए थे। इसी दौरान, शालिम का नाम भी चर्चा में आया, जिसका प्रारंभिक कनेक्शन इंदौर जिले के महू क्षेत्र से जुड़ा होने की बात जांच से जुड़े सूत्रों द्वारा कही गई है। आरोप है कि लगभग 25 वर्ष पहले महू क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में शालिम का नाम सामने आया था, जिसके बाद वह क्षेत्र से अनुपस्थित हो गया था।

    जांच एजेंसियों द्वारा शालिम को हिरासत में लिए जाने के पश्चात, महू कैंट परिषद ने उसके महू स्थित भवन को ध्वस्त करने हेतु तीन दिन के भीतर कार्रवाई का नोटिस जारी किया था। इसी नोटिस के विरुद्ध शालिम के परिवार ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जहां शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परिवार को 15 दिन का अंतरिम स्टे प्रदान किया है। अब 15 दिन बाद हाई कोर्ट इस पूरे विवाद पर क्या अंतिम निर्णय देगा, यह कहना संभव नहीं है।

    इधर, जांच एजेंसी द्वारा शालिम से जुड़े उन आरोपों की भी जांच जारी है, जिनमें कहा गया था कि उसके द्वारा अलफला यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ गतिविधियों के माध्यम से देश में संदिग्ध घटनाओं का जाल फैलने की चिंताएं व्यक्त की गई थीं। इस संबंध में कई एजेंसियां विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं। अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि कैंट परिषद महू इस पूरे प्रकरण में आगे क्या कदम उठाती है।

    रिपोर्ट- (हेमंत नागले)

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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