Shivani Gupta
5 Jan 2026
अशोक गौतम,भोपाल। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने प्रदेश में जबलपुर-दमोह, सतना-चित्रकूट, उज्जैन-झालाबाड़ा और इंदौर रिंगरोड और ईस्टर्न बायपास, ओरछा बायपास बनाने का प्लान तैयार किया है। इससे दस जिलों के सात लाख लोगों के रोजाना अवागमन आसान होगा। वहीं इंदौर और ओरछा शहर के लोगों को सड़कों में जाम और भारी वाहनों के प्रवेश से निजात मिलेगी। इन सड़कों के फोर लेन निर्माण पर 12 हजार 500 करोड़ रुपए से अधिक की डीपीआर तैयार की गई है। इन सड़कों के निर्माण का काम वर्ष 2026 तक शुरू हो जाएगा। जहां वन भूमि अथवा वाइल्डलाइफ आवागमन है, वहां भोपाल-नर्मदापुरम-बैतूल हाइवे जैसे साउंड प्रूफ वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया जाएगा। बताया जाता है कि ये सड़क वर्तमान में टू लेन है, जिसमें वाहनों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के संबंध में काम शुरू हो गया है। यह हाईवे 88 किलोमीटर का है और इसके निर्माण में 4,613 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा बैतूल-खंडवा-खरगोन-झालाबाड़ा, रीवा-सीधी, संदलपुर-नसरुल्लागंज बायपास, ग्वालियर बायपास, सागर बायपास और अयोध्या नगर बायपास भोपाल के निर्माण का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसमें कई सड़कों के निर्माण का काम ठेकेदारों को सुपुर्द कर दिया गया है। इन सभी सड़कों के निर्माण की लागत साढ़े 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक है। एनएचएआई ने सड़कों के निर्माण के लिए ठेकेदारों को डेढ़ से दो वर्ष निर्माण का समय दिया है। यह सभी सड़कें फोर लेन होंगी और बायपास में फोर लेन के साथ दोनों तरफ सर्विस लेन की सुविधा दी गई है।
दमोह के खाद्यान कारोबारी रमेश राजपूत का कहना है कि जबलपुर-दमोह मार्ग काफी सकरा है। इसमें शाम और सुबह के समय अक्सर जाम लगता है। इसके चौड़ीकरण का काम होने से लोगों को जाम से निजात मिलेगी। वहीं भारी ट्रकों का दबाव भी कम होगा। वहीं एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि मप्र में करीब एक हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण का काम शुरू किया गया है। इसमें पांच सौ किलोमीटर सड़कों के निर्माण का काम ठेकेदारों को सौंप दिया गया है। 500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार हो गई है, टेंडर जारी करने की प्रकिया शुरू की जा रही है। इन सड़कों के निर्माण से भोपाल, ग्वालियर, सागर, इंदौर ओरछा जैसे शहरों को भारी वाहनों के दबाव से निजात मिलेगी।