भिलाई में ISIS कनेक्शन!ATS ने 4 नाबालिगों से 48 घंटे की पूछताछ, हिंसक गेम और डार्क वेब के जरिए हो रही थी ब्रेनवॉशिंग

भिलाई में ISIS नेटवर्क से जुड़े होने के शक में एटीएस ने चार नाबालिगों से 48 घंटे पूछताछ की। हिंसक गेम, डार्क वेब और फर्जी आईडी से कट्टरपंथ फैलाने का आरोप है। इन बच्चों ने 100 से ज्यादा लड़कों का ऑनलाइन ग्रुप बनाया था।
ATS ने 4 नाबालिगों से 48 घंटे की पूछताछ, हिंसक गेम और डार्क वेब के जरिए हो रही थी ब्रेनवॉशिंग
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई में एटीएस (Anti-Terrorist Squad) ने ISIS नेटवर्क से जुड़े होने के शक में चार नाबालिगों से पूछताछ की है। पूछताछ करीब 48 घंटे चली। बताया जा रहा है कि ये सभी किशोर पहले पकड़े गए दो नाबालिगों के संपर्क में थे।

    ऑनलाइन गतिविधियों पर पहले से थी नजर

    पुलिस के अनुसार, एटीएस ने इन नाबालिगों पर करीब दो साल से निगरानी रखी हुई थी। शुरुआत में पूछताछ के बाद इनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों पर साइलेंट मॉनिटरिंग की जा रही थी। जैसे ही तकनीकी सबूत मजबूत हुए, टीम ने कार्रवाई की और इन चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

    घरवालों को नहीं थी खबर

    इन किशोरों के परिवार को इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। पढ़ाई के बहाने मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप मिलते थे और उसी से इंस्टाग्राम की फर्जी आईडी के जरिए ISIS से जुड़े खातों के साथ चैट की जाती थी। चैट बाद में डिलीट कर दी जाती थी।

    हिंसक गेम और डार्क वेब बना हथियार

    जांच में सामने आया है कि किशोरों को ऐसे हिंसक ऑनलाइन गेम दिए जाते थे जिनमें मिशन, टारगेट और हमले जैसे टास्क होते थे। धीरे-धीरे उन्हें VPN, डार्क वेब, एन्क्रिप्टेड चैट और कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल सिखाया गया।

    बड़ी घटना की तैयारी का अंदेशा

    पुलिस का दावा है कि ये किशोर ISIS के ट्रेनिंग फेज के आखिरी हिस्से में थे। इनके पास उग्र विचारधारा वाली सामग्री, कोड वर्ड्स और हटाई गई कॉल हिस्ट्री मिली है। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि इन नाबालिगों ने 100 से ज्यादा लड़कों का ऑनलाइन ग्रुप बनाया था। एटीएस अब उस ग्रुप से जुड़े अन्य किशोरों की पहचान करने में जुटी है। पूछताछ खत्म होने के बाद एटीएस ने चारों किशोरों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। आगे की जांच और डिजिटल फॉरेंसिक जारी है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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