भोपाल। मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।
हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है।
दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है।
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शहर |
न्यूनतम तापमान (°C) |
अधिकतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
9.6 |
27.0 |
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इंदौर |
8.4 |
27.1 |
|
ग्वालियर |
12.8 |
27.6 |
|
उज्जैन |
11.5 |
29.5 |
|
जबलपुर |
11.1 |
27.0 |
|
राजगढ़ |
8.0 |
- |
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पचमढ़ी (हिल स्टेशन) |
5.8 |
25.6 |