High Court News : भोपाल में विधायकों के लिए बन रहे आवासों का काम रुकेगा, पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की रोक

राजधानी के भोजपुर मार्ग चौड़ा करने और अरेरा हिल्स में विधायकों के लिए आवास बनाने पेड़ काटने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। डिवीजन बेंच ने पेड़ों पर काटने पर रोक लगा दी है। इस मामले में विधानसभा के प्रमुख सचिव, पीसीसीएफ और भोपाल नगर निगम आयुक्त को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। 
भोपाल में विधायकों के लिए बन रहे आवासों का काम रुकेगा, पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की रोक
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने गुरुवार को अंतरिम आदेश देकर राजधानी भोपाल में  पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा है कि हाईकोर्ट की इजाजत के बिना एक भी पेड़ न काटा जाए। ये पेड़ भोजपुर मार्ग को चौड़ा करने और अरेरा कॉलोनी में विधायकों के आवास बनाने के लिए काटे जा रहे हैं। बेंच ने विधानसभा के प्रमुख सचिव, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (PCCF), भोपाल नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग के ईई अरूण श्रीवास्तव को 26 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे होने वाली सुनवाई पर हाजिर रहने कहा गया है। साथ ही अब तक ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के फोटोग्राफ्स भी पेश करने कहा है।

    ‘पेड़ों को बचाने में अफसरों की दिलचस्पी ही नहीं’

    गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता नितिन सक्सेना (भोपाल निवासी) की ओर से अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बेंच को बताया कि अरेरा हिल्स में विधायकों के लिए 102 फ्लैट्स बनाने 244 पेड़ों को बिना अनुमति के काटा जा रहा है। इस बारे में पेश दस्तावेज को देखकर बेंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा- ‘लगता है, अफसरों को पेड़ों को बचाने में कोई दिलचस्पी ही नहीं है। हमारी रोक के बाद भी यदि ऐसा हो रहा है तो यह सीधा-सीधा अवमानना का मामला है।’ इस मत के साथ बेंच ने अफसरों को हाजिर होने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि बीते 29 अक्टूबर को प्रकाशित समाचार पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने संज्ञान लेते हुए 448 पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी। गुरुवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में अधिवक्ता अमल पुष्प श्रोती, केन्द्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु, राज्य सरकार की ओर से  उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली, शासकीय अधिवक्ता ऋत्विक पाराशर हाजिर हुए।

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    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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