
इंदौर। भंवरकुआं इलाके में गरबा आयोजन के निरस्त होने का यह मामला स्थानीय समाज में तनाव का कारण बन गया है। बजरंग दल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आयोजन स्थल से टेंट और पोस्टर हटा दिए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आयोजक पर “लव जिहाद” फैलाने का आरोप लगाया था और यह आरोप लगाया कि गरबा आयोजन धार्मिक सौहार्द्र को बिगाड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा था। बुधवार को मूर्ति स्थापना और गरबा आयोजन निरस्त हो गया।
फिरोज खान सालों से करा रहा आयोजन
आयोजक फिरोज खान, जो शिखर गरबा मंडल के नाम से पिछले कई सालों से मूर्ति स्थापना और गरबा का आयोजन कर रहे थे। इन पर आरोप है कि उनका यह आयोजन वर्ग विशेष के लोगों को धार्मिक रूप से भड़काने और समाज में नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि फिरोज खान गैर-हिंदू समुदाय के लोगों को गरबा जैसे हिंदू धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
आयोजन कराया निरस्त
पुलिस ने इस शिकायत के बाद जांच की और आयोजन स्थल पर पहुंचकर टेंट, पोस्टर आदि हटा दिए। भंवरकुआं थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने पुष्टि की कि पुलिस ने प्रशासन की ओर से चेतावनी देने के बाद आयोजन को निरस्त कर दिया। 24 सितंबर को ही बजरंग दल ने पुलिस को इस तरह के आयोजनों में वर्ग विशेष के लोगों की एंट्री पर ध्यान देने की चेतावनी दी थी। वहीं हिंदू जागरण मंच जिला संयोजक सुमित हडिया ने भी इसका विरोध जताया है। उन्होंने भी वर्ग विशेष के लोगों की एंट्री के आरोप लगाया है।
पुलिस ने टेंट और सामान हटवाया
बजरंग दल रामेश्वर जिले के राम दांगी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में शिकायत की थी। राम दांगी ने बताया कि जो मूर्ति पूजा पर विश्वास नहीं करते वह विधि विधान से किस तरह से 9 दिन पूजा अर्चना करेंगे। चेतावनी के बाद विवाद की स्थिति को देखते हुए यह आयोजन पुलिस प्रशासन ने देर रात निरस्त कर दिया। यहां पहुंचकर पुलिस ने टेंट और अन्य सामान हटवाया। जबकि इसके आयोजन की अनुमति दीपक हार्डिया के नाम से ली गई थी।
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