The rapidly escalating hostilities between US-Israel and Iran are deeply concerning.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 28, 2026
The safety and security of every Indian citizen across the Middle East must be our highest priority.
I urge the Government of India to take immediate and proactive measures to safeguard our…
पूरे विश्व में चल रहे ईरान-इसराइल युद्ध के मसले पर राहुल गांधी से पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि, पीएम मोदी के इसराइल दौरे की खुशी मनाने के दो दिन बाद ही इसराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना संयुक्त हमला शुरू कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में उनके सैन्य जमावड़े को देखते हुए यह पूरी तरह अपेक्षित था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल जाने का निर्णय लिया, जहां उन्होंने उच्च स्तर की “नैतिक कायरता” का प्रदर्शन किया। “प्रधानमंत्री ने दौरे के बाद यह भी घोषणा की भारत इजराइल के साथ खड़ा है और ऐसा कहकर खुद की वाहवाही भी बटोर ली।
कांग्रेस सचिव रमेश ने यह भी दावा किया कि पीएम का इसराइल दौर वाकई शर्मनाक था और अब तो यह और भी अधिक शर्मनाक प्रतीत होता है, क्योंकि युद्ध उन्हीं दो नेताओं द्वारा शुरू किया गया है, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी अपना अच्छा मित्र बताते रहे हैं।
वहीं, पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब ‘भारत के पुराने दोस्त’ ईरान पर हमला बोल दिया है। यह सबकुछ प्रधानमंत्री मोदी के इसराइल दौरे से लौटने के ठीक दो दिन बाद हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि, 'रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के बारे में तमाम दिखावे के बाद, मोदी ने अपनी इसराइल यात्रा का उपयोग इसराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए आखिर क्यों नहीं किया? इसका क्या अर्थ निकाला जाए क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?