अमेरिका और इजरायल के बीच इस संयुक्त सैन्य अभियान ने ईरान के साथ लंबे और व्यापक युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। इस मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी हमले लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो इसका सीधा असर क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर पड़ेगा।
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और उसके आसपास के हवाई क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से पश्चिम एशिया के ऊपर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय एयर कॉरिडोर बाधित हो सकते हैं। इससे यूरोप और एशिया के बीच संचालित कई प्रमुख उड़ान मार्ग को नुकसान पहुंचाएंगे। उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से भेजना पड़ेगा, जिससे यात्रा समय बढ़ेगा और ईंधन लागत में भी इजाफा होगा।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते सैन्य तनाव हमलों के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन कंपनियों ने अपने परिचालन अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। जहां इजरायल ने अपना हवाई क्षेत्र नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद किया है वहीं इजरायल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों से अगली सूचना तक हवाई अड्डों पर न आने की अपील की है।
इराक ने भी अपना राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। कुवैत ने अगली सूचना तक ईरान जाने वाली सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है।
इजरायल – हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद
ईरान – हवाई क्षेत्र बंद
इराक – हवाई क्षेत्र बंद
जॉर्डन – हवाई क्षेत्र बंद
Dubai (डीएक्सबी) – हवाई क्षेत्र बंद होने की खबर
संयुक्त अरब अमीरात – कुछ समय के लिए हवाई क्षेत्र बंद
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर पड़ा है। कई बड़ी एयरलाइन कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द या अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।
Wizz Air ने 7 मार्च तक इजरायल, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी और जॉर्डन की राजधानी अम्मान के लिए आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
Lufthansa ने सप्ताहांत के लिए दुबई, तेल अवीव, बेरूत और मस्कट की सेवाएं रोक दी हैं।
KLM ने एम्स्टर्डम से तेल अवीव जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं।
Oman Air ने ईरान और इजरायल के लिए सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
British Airways ने अपने मध्य पूर्व संचालन पर अस्थायी रोक लगाते हुए 3 मार्च तक तेल अवीव और बहरीन के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं।
Air India ने मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें फिलहाल निलंबित कर दी हैं। आपात स्थिति के चलते दिल्ली से तेल अवीव जा रही एक उड़ान को बीच रास्ते से मुंबई वापस मोड़ दिया गया।