शनिवार की सुबह ने पश्चिम एशिया को दर्द भरी दस्तक ददी है। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इस भीषण हमले के जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की बौछार की।
दुबई, कतर और बहरीन जैसे कई सुरक्षित माने जाने वाले देशों में भी धमाके सुनाई दिए, जिसके कारण दुबई एयरपोर्ट समेत कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्गों को तत्काल बंद कर दिया गया।
मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच भारत अपनी कूटनीतिक सक्रियता बनाए हुए है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान जयशंकर ने हालिया घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा की।
इसके पहले भारत ने इजराइल के विदेश मंत्री से भी संवाद स्थापित किया था। इन कदमों से यह स्पष्ट हो जाता है कि नई दिल्ली संकट के बीच संतुलित कूटनीतिक रणनीति अपनाए हुए है, जहां दोनों पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखते हुए क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।