मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध भड़क गया है। इस संघर्ष में ईरान के कई शहरों में बमबारी और तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। आम लोगों की जिंदगी दहशत में है और स्थिति हर पल बदल रही है।
इस बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे कई भारतीय छात्र भी खतरनाक हालात में फंसे हैं। भारतीय दूतावास ने एक हफ्ते पहले ही सभी भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। इसके बावजूद कुछ छात्र अपनी पढ़ाई या अन्य कारणों से वहां रुके हुए हैं। अब वे स्थिति की गंभीरता को देखकर मदद की गुहार लगा रहे हैं।
तेहरान में मौजूद एक भारतीय छात्रा ने हाल ही में लाइव एयरस्ट्राइक के बीच वीडियो बनाकर अपनी आपबीती साझा की है। वीडियो में छात्रा का चेहरा डर और चिंता से भरा हुआ है। आसमान में लगातार धमाके हो रहे हैं और हर पल खतरा बढ़ता जा रहा है।
छात्रा ने कहा कि तेहरान में हालात दिन-ब-दिन और खराब होते जा रहे हैं। हम नहीं जानते अगला हमला कब और कहां होगा। कृपया भारत सरकार और विदेश मंत्रालय हमारी मदद करें और हमें सुरक्षित बाहर निकालें।
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया है और लोगों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक और छात्रा, महक, जो उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेस की छात्रा हैं ने भी वीडियो बनाकर सरकार से मदद की गुहार लगाई। उसने बताया कि उन्हें दूतावास ने कई बार ईरान छोड़ने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी यूनिवर्सिटी ने अनुमति नहीं दी।
ईरान में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बड़ी है। युद्ध शुरू होने के बाद इन छात्रों के सामने न केवल सुरक्षा का संकट है, बल्कि खाने-पीने और रहने की भी समस्या पैदा हो गई है।
छात्र अब डर के माहौल में फंसे हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि अगला हमला कब होगा और कौन सा इलाका सुरक्षित रहेगा। कई छात्र अपने परिवार से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह छात्रों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे हमने अफगानिस्तान और युक्रेन में ऑपरेशन गंगा और ऑपरेशन कावेरी के तहत नागरिकों को सुरक्षित निकाला था, उसी तरह ईरान में भी भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने की तैयारी चल रही है।
सरकारी अधिकारी छात्रों से संपर्क कर उनकी स्थिति जान रहे हैं और सुरक्षित इवैक्यूएशन के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। छात्रों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराएं नहीं और दूतावास की सलाह का पालन करें।