नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भारतीय वायुसेना के 93वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि आज के अस्थिर वैश्विक माहौल में वायु शक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का एक निर्णायक साधन बन चुकी है। उन्होंने 93वें वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर दिए गए अपने संबोधन में कहा कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती का सामना गति, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एयर चीफ मार्शल ने बताया आॅपरेशन सिंदूर की शुरूआत कर भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का दुश्मन को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा जब दुश्मन ने भारत के नागरिक इलाकों और सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, तब वायुसेना ने सटीक और नियंत्रित हमले कर उन्हें जवाब दिया, जिससे दुश्मन को शांति वार्ता की पहल करने पर मजबूर होना पड़ा।
हालांकि, सोमवार को गाजियाबाद के हिंदन एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में बारिश के कारण आई बाधाएं, लेकिन अधिकारियों ने भरोसा जताया मुख्य आयोजन सफल और प्रभावशाली रहेगा। इस समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना उन विमानों का भी प्रदर्शन करेगी जिन्होंने आॅपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करने पर मजबूर किया था। वायुसेना दिवस न केवल भारत की वायु शक्ति और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि भारत किसी भी आतंकी हमले या बाहरी खतरे का जवाब सटीक, नियंत्रित और निर्णायक तरीके से देने में सक्षम है।
इस साल भारतीय वायुसेना दिवस परेड में आधुनिक लड़ाकू विमानों की शानदार श्रृंखला देखने को मिलेगी। इसमें राफेल, सुखोई एसयू-30 एमकेआई और मिग-29 जैसे अग्रिम पंक्ति के विमान शामिल होंगे। स्वदेशी नेत्रा एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) भी अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करेगा। भारी मालवाहक विमानों में सी-17 ग्लोब मास्टर-ककक और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, लॉन्गबो रडार से लैस अत्याधुनिक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) भी परेड का हिस्सा होंगे। वायुसेना दिवस के मौके पर अक्सर आसमान में गरजने वाला मिग 21 बायसन इस बार हिंडन एयरबेस पर किनारे शांत खड़ा नजर आएगा। यह विमान पिछले दिनों 62 साल की सेवा के बाद अब रिटायर हो चुका है।
स्वदेश निर्मित आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (आकाश एसएएम सिस्टम) और एस-बैंड रोहिणी रडार भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जो देश की बढ़ती रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमता का प्रमाण हैं। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना अपने मिग -21बाइसन विमान को भी विशेष श्रद्धांजलि देगी, जिसे हाल ही में सेवा से निवृत्त किया गया है। यह विमान छह दशकों से अधिक समय तक वायुसेना की रीढ़ रहा और कई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से, मिग-21 बाइसन ने आॅपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु क्षेत्र में महत्वपूर्ण संचालन किया था। यह श्रद्धांजलि न केवल एक ऐतिहासिक विमान के योगदान को याद करेगी, बल्कि वायुसेना की विरासत और उसके निरंतर विकास को भी दर्शाएगी।
अमेरिकी एयर फोर्स दुनिया की सबसे मजबूत वायु सेना मानी जाती है। इसके बाद रूस और चीन की वायुसेना का नंबर है। चौथे नंबर पर इंडियन एयरफोर्स है। भारतीय वायु सेना को दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर एयरफोर्स का तमगा ऐसे ही नहीं मिला। आईएएफ के पास 2229 विमान हैं। भारतीय वायु सेना के पास 53 फाइटर जेट, 899 हेलीकॉप्टर और 831 सहायक विमान हैं। वायुशक्ति रैंकिंग में दक्षिण कोरिया 5वें स्थान पर है, जबकि छठे स्थान पर जापान काबिज है। पाकिस्तान की वायुसेना दुनिया की सातवें नंबर की सबसे ताकतवर वायुसेना है। भारत की वायु शक्ति के मुकाबले में पाकिस्तान बहुत पीछे है। पाकिस्तान के पास कुल 1434 विमान हैं, जिसमें 328 फाइटर जेट, 373 हेलीकॉप्टर और 750 सहायक एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
देश सैन्य विमान
अमेरिका 13,043
रूस 4,292
चीन 3,309
भारत 2,229
दक्षिण कोरिया 1,592
जापान 1,443
पाकिस्तान 1,399
मिस्र 1,093
टर्की 1,083
फ्रांस 976