नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर उठे विवाद ने अब भारत की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने लिखा- प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उनका धोखा अब सामने आ गया। वे दोबारा बातचीत नहीं कर सकते, वे फिर से सरेंडर कर देंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारतीय किसानों और छोटे कारोबारियों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। विपक्ष का कहना है कि, मोदी सरकार ने जल्दबाजी में समझौता किया और इसके परिणामस्वरूप भारत को अनुकूल रियायतें नहीं मिल सकीं।
शुक्रवार (20 फरवरी) को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि, राष्ट्रपति के पास इस तरह का टैरिफ लगाने का कोई अधिकार नहीं है। अदालत के 6-3 बहुमत के फैसले में कहा गया कि, संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ संसद के पास है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप ने एक नया आदेश जारी किया और दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह नया टैरिफ 24 फरवरी की आधी रात से प्रभावी होगा। ट्रंप ने कहा कि, भारत के साथ समझौता जारी रहेगा और कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
भारत और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत के बाद फरवरी की शुरुआत में सहमति बनी और 7 फरवरी 2026 को समझौते का ऐलान हुआ। समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, समझौता असंतुलित है और भारत को भारी रियायतें देने के बावजूद अमेरिकी उत्पादों पर भारत ने कोई राहत नहीं दी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, मोदी जी को देशवासियों के सामने खड़े होकर पूरी सच्चाई बतानी चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसने या किन कारणों ने भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने के लिए दबाव डाला। क्या इसमें एप्सटीन फाइल्स का कोई संबंध था? क्या सरकार अपनी गहरी निष्क्रियता से जागेगी और 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायियों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए एक निष्पक्ष व्यापार समझौता पेश करेगी?
जयराम रमेश ने कहा कि, यदि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकती थी।
मनीष तिवारी ने कोर्ट के फैसले को दुनिया के लिए संदेश बताया कि कार्यपालिका की ज्यादती को रोकना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया कि, भारत को अमेरिका के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया गया, क्योंकि वर्तमान डील में भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ लागू होगा जबकि अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो टैरिफ है।
यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी और कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ पर सरकार को घेरा। बजट सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और संसद में विपक्ष ने कई बार प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना की।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन घंटे बाद, ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। यह देश के लिए कलंक है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत के साथ समझौता जारी रहेगा और कोई बदलाव नहीं होगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय यूनियन समेत सभी व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय निर्यातकों पर अब 10% टैरिफ लागू होगा, जबकि अमेरिकी आयात पर अभी भी जीरो टैरिफ जारी रहेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह समझौता असंतुलित है और इसके चलते किसानों, छोटे व्यापारियों और डेयरी क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं सरकार का दावा है कि इस समझौते में किसी भी क्षेत्र के हित से समझौता नहीं किया गया है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना समझौता किया। उनके मुताबिक, इस जल्दबाजी के कारण भारत के किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को नुकसान हो सकता है।
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तारीख |
घटनाक्रम |
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2 फरवरी 2026 |
अमेरिका ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% किया। |
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7 फरवरी 2026 |
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान। |
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20 फरवरी 2026 |
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध बताया। |
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20 फरवरी 2026 |
ट्रंप ने 3 घंटे बाद ग्लोबल 10% टैरिफ की घोषणा। |
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24 फरवरी 2026 |
टैरिफ प्रभावी होंगे। |
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