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होर्मुज संकट में भारत ने बढ़ाया हाथ :श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन ईंधन पेट्रोलियम उत्पाद दिया

ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोल और डीजल की आपातकालीन सप्लाई भेजकर बड़ी राहत दी।
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श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन ईंधन पेट्रोलियम उत्पाद दिया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के साथ चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई है। इसी बीच भारत ने श्रीलंका को बड़ी राहत देते हुए आपातकालीन ईंधन सप्लाई भेजी है। भारत की इस मदद से श्रीलंका को गंभीर संकट से कुछ राहत मिली है।

    भारत ने भेजी 38,000 मीट्रिक टन ईंधन की मदद

    भारत ने आपातकालीन सहायता के रूप में श्रीलंका को कुल 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद भेजे हैं। इसमें 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल है। यह सप्लाई ऐसे समय में दी गई है जब ईरान से जुड़े युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो चुकी है और कई देशों में ईंधन संकट गहरा रहा है।

    श्रीलंका ने भारत का जताया आभार

    भारत की इस मदद के बाद श्रीलंका ने खुलकर धन्यवाद दिया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि संकट के समय भारत ने तुरंत मदद पहुंचाई। श्रीलंका के विपक्षी नेता सजिथ प्रेमदासा ने भी भारत का आभार जताते हुए कहा कि असली रिश्तों की पहचान मुश्किल समय में होती है, और भारत ने इस संकट में साथ देकर यह साबित कर दिया है।

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    चीन से नहीं मिली मदद

    जनवरी में श्रीलंका ने चीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी सिनोपेक के साथ हंबनटोटा बंदरगाह के पास 200,000 बैरल क्षमता की तेल रिफाइनरी बनाने के लिए करीब 3.7 अरब डॉलर का समझौता किया था। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बने संकट के दौरान चीन की ओर से अब तक कोई मदद सामने नहीं आई। प्रेमदासा के बयान को चीन की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।

    ‘फोर्स मेज्योर’ के कारण सप्लाई प्रभावित

    पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायरों ने फोर्स मेज्योर का हवाला देते हुए ईंधन सप्लाई रोक दी। जहाजों की कमी और समुद्री रास्तों में बाधा के कारण श्रीलंका में स्थिति और गंभीर हो गई। ऐसे समय में भारत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के जरिए तुरंत ईंधन की आपूर्ति उपलब्ध कराई।

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    भारत-श्रीलंका नेताओं के बीच हुई बातचीत

    इस संकट को लेकर नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के बीच 24 मार्च को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के बीच भी बातचीत हुई।

    श्रीलंका में ईंधन संकट का असर

    ईंधन की कमी के कारण श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 25% तक बढ़ोतरी कर दी गई है।

    पेट्रोल: 398 रुपये प्रति लीटर

    डीजल: 382 रुपये प्रति लीटर

    स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सरकार को चार दिन का वर्किंग वीक लागू करना पड़ा और लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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    होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति होती है। अगर यह मार्ग बंद हो जाता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ता है। श्रीलंका पूरी तरह आयातित तेल पर निर्भर है, इसलिए भारत की यह मदद उसके लिए संजीवनी साबित हुई है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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