INDIA ब्लॉक का दिल्ली में मार्च: राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में INDIA ब्लॉक मार्च, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के सांसदों का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR पर रोक की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। आज विपक्षी गठबंधन के सांसद कनॉट प्लेस से बाराखंभा रोड तक पैदल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), वोटर लिस्ट से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का है। मार्च को देखते हुए दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और छह मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद रखने की जानकारी दी गई है।
दिल्ली में INDIA ब्लॉक का मार्च आज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में है। INDIA ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने जा रहे हैं। इस मार्च का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विपक्षी सांसद दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड के जंक्शन पर एकत्र होंगे। इसके बाद वे पैदल मार्च करते हुए बाराखंभा रोड की ओर बढ़ेंगे। प्रस्तावित मार्च की दूरी करीब दो किलोमीटर बताई गई है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है।
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राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत ये नेता होंगे शामिल
INDIA ब्लॉक के इस मार्च में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने का कार्यक्रम है।
- राहुल गांधी- मार्च का नेतृत्व करेंगे।
- प्रियंका गांधी वाड्रा- कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन में शामिल होंगी।
- अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी प्रमुख के तौर पर विपक्षी एकजुटता का हिस्सा होंगे।
- संजय राउत: शिवसेना (UBT) की ओर से शामिल होंगे।
- अरविंद सावंत: शिवसेना (UBT) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।
- सुप्रिया सुले: NCP-SP की ओर से प्रदर्शन में शामिल होंगी।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत विपक्ष की 5 बड़ी मांगें
INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कई मांगें रखी हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
- CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: विपक्षी गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।
- 2023 के कानून को रद्द करना: विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून को वापस लेने की मांग कर रहा है।
- SIR पर रोक: विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की गई है।
- मतदाता सूची में नाम दोबारा जोड़ना: विपक्ष का दावा है कि वोटर लिस्ट से हटाए गए 13 करोड़ लोगों के नाम फिर से जोड़े जाने चाहिए।
- बैलेट पेपर से चुनाव: विपक्षी दल EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी की गई है, जिनमें वोट चोरी को लेकर विवाद हुए थे।
SIR और वोट चोरी का मुद्दा क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR मतदाता सूची की विस्तृत जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं से संबंधित जानकारी की समीक्षा करना होता है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है। विपक्ष की मांग है कि SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी दोबारा जांच की जाए। साथ ही, चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की जा रही है।
पिछले चार दिनों में भी हुआ था विरोध प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक के सांसदों ने इससे पहले 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को भी लगातार प्रदर्शन किया था। इस दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने तीन बार हिरासत में लिया था। 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सौंपा था। इससे पहले शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर विरोध प्रदर्शन किया गया, जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया था। लगातार हो रहे प्रदर्शनों से साफ है कि SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे विपक्ष की राजनीति में प्रमुख स्थान ले चुके हैं।
30 सड़कों पर रूट डायवर्जन
INDIA ब्लॉक के मार्च के चलते दिल्ली में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है। प्रदर्शन के मद्देनजर करीब 30 सड़कों पर रूट डायवर्जन की जानकारी दी गई है। कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड के आसपास आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी बातें:
- घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।
- कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड के आसपास अतिरिक्त समय लेकर चलें।
- संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
- सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने से पहले मेट्रो सेवाओं की स्थिति जांच लें।
- पुलिसकर्मियों के निर्देशों और ट्रैफिक संकेतों का पालन करें।
CJI सूर्यकांत से मुलाकात की योजना, लेकिन नहीं मिली सहमति
विपक्षी सांसदों की योजना मार्च के बाद सुप्रीम कोर्ट तक जाने और शाम 4 से 5 बजे के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करने की भी थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CJI ने मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब विपक्षी दलों का ध्यान अपने मार्च और चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों पर रहेगा। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि चुनाव आयोग और सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है और SIR को लेकर राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।



















