वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति नजदीक आते ही आयकर विभाग में काम का दबाव चरम पर पहुंच गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग के मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक के सभी दफ्तरों में छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और अधिकारी-कर्मचारी देर रात तक काम निपटाने में जुटे हैं।
31 मार्च की डेडलाइन को देखते हुए विभाग ने शनिवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुले रखे हैं। सर्किल और वार्ड स्तर के दफ्तरों में फाइलों के निपटारे और टैक्स कलेक्शन को लेकर लगातार काम चल रहा है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने इस साल मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए 33,200 करोड़ रुपए टैक्स वसूली का लक्ष्य तय किया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में विभाग पर इस लक्ष्य को पूरा करने का दबाव साफ नजर आ रहा है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस जारी करने की भी 31 मार्च आखिरी तारीख है।
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टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल वित्तीय वर्ष के अंत में इसी तरह का दबाव बनता है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय लक्ष्य को पूरा करने की होती है, जिसके लिए अंतिम दिनों में तेजी से काम किया जाता है।
इस बार स्थिति और ज्यादा सख्त है, क्योंकि विभाग ने महावीर जयंती जैसे अवकाश के दिन भी दफ्तर खुले रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक सभी जरूरी कार्यों को पूरा किया जाए, ताकि टारगेट हासिल किया जा सके।