
ग्वालियर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपए ठगने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का राज्य साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 30,25,719 रुपए की ठगी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने गिरोह के संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजेश कुमार (27) और सौरभ कुमार (24) निवासी लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी तरीके से खुद को फेडेक्स कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों को बताते थे कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में ड्रग्स और अन्य अवैध सामग्री मिली हैं। मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को ट्रांसफर करने की बात कहकर आरोपी खुद ही फर्जी अधिकारी बन जाते थे और पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रकम वसूलते थे।
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इस मामले में फरियादी हर्षित द्विवेदी से इसी तरह डराकर 30 लाख से अधिक की ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए कई फर्जी आईपी एड्रेस ट्रेस किए और आरोपियों की लोकेशन चिन्हित की। लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे आरोपियों को आखिरकार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह के खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं और आरोपी 16 से अधिक मामलों में शामिल रहे हैं। राजेश कुमार के खाते में 16 राज्यों से लेनदेन के प्रमाण मिले हैं।
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