Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Peoples Update Special :पिता का सपना किया साकार, 20 हजार तालाब बनाकर किसानों की जिंदगी बदलने वाले IAS उमाकांत उमराव सेवानिवृत्त

31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमाकांत उमराव ने अपने प्रशासनिक जीवन में कई जिलों में काम किया, लेकिन देवास में किया गया उनका जल संरक्षण अभियान आज भी मिसाल माना जाता है। बीस हजार से अधिक तालाब बनवाकर उन्होंने हजारों किसानों की जिंदगी बदल दी। सेवानिवृत्ति के अवसर पर देवास के ग्रामीण मंत्रालय पहुंचकर उन्हें भावुक विदाई देने पहुंचे।
पिता का सपना किया साकार, 20 हजार तालाब बनाकर किसानों की जिंदगी बदलने वाले IAS उमाकांत उमराव सेवानिवृत्त
IAS उमाकांत उमराव सेवानिवृत्त

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के वर्ष 1996 बैच के आईएएस उमाकांत उमराव 31 जुलाई को प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग से सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने अपने सेवाकाल में चार जिलों की कलेक्टरी की लेकिन देवास जिले का कार्यकाल उनके लिए स्वर्णिम रहा। इस जिले में उन्होंने बीस हजार से अधिक तालाबों का निर्माण कराया। इसमें सरकार पर कोई बड़ा वित्तीय भार नहीं आया। परिणाम ये रहे कि आज कच्चे घर वाले के पास पक्का और आलीशान बंगला है तो साइकिल के स्थान पर चार-चार ट्रेक्टर ट्राली और दो-दो कार हैं। एक सामान्य किसान भी औसतन सौ क्विंटल गेहूं का उत्पादन कर रहा है। सेवानिवृत्ति के अवसर पर देवास जिले के कई गांव के लोग विदाई देने मंत्रालय पहुंचे। प्रस्तुत है उमाकांत उमराव से बातचीत के प्रमुख अंश:-

सवाल: आप अपने सेवाकाल से कितने संतुष्ट हैं? 

जवाब: शत-प्रतिशत। मुझे अपनी किसी भी पदस्थापना पर शिकायत नहीं रही। सरकार ने जहां भेजा, वहां गया और काम किया।

सवाल: जब प्रशासनिक सेवा में आए थे तो आपके माता-पिता ने क्या अपेक्षा की थी?

जवाब: मुझे अपने पिता के वह शब्द आज भी याद हैं कि-‘कोई काम करो या नहीं, लेकिन किसान को पानी जरूर देना।’

सवाल: पिता का सपना साकार करने का कोई मौका मिला?

जवाब: हां। वर्ष 2004 में देवास जिले की कलेक्टरी मिली तो देखा यहां के किसानों की जमीनें बंजर पड़ी हैं। कई गांवों में बेटियों की शादियां नहीं होती थीं। ग्रामीण रोजगार की तलाश में पलायन करते थे। इसका सिर्फ एक ही कारण था कि जिले में सिंचाई के साधन नहीं थे।

सवाल: किसानों को पानी देने की चुनौती कैसे पूरी की?

जवाब: हमने देवास जिले में बीस हजार से अधिक तालाब बनवाए। हर किसान को सिंचाई के साधन से जोड़ा। देखते-देखते एक-एक गांव में सौ-सौ तालाब हो गए। यह अतिशयोक्ति नहीं कि कई गांवों में चार सौ से अधिक तालाब हैं। इससे किसान ऐसे संपन्न हुए कि कच्चे मकान से बंगलों में रहने लगे हैं।

सवाल: देवास के अलावा और भी जिलों में पानी के लिए काम किया? 

जवाब: किसानों को पानी देने के लिए हर जिले में काम किया लेकिन देवास जिले ने मुझे अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। यहां के लोग आज भी मुझे ऐसे सम्मान देते हैं जैसे मैं इस जिले का बेटा हूं।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts