इंदौर। मानपुर के आवलीपुरा स्थित ‘कोठी निवास’ फार्म हाउस पर पड़े पुलिस छापे के बाद मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में अब यह सामने आया है कि कुख्यात जुआ संचालक जगदीश राठौर उर्फ ‘जगदीश अंकल’ ने इसी फार्म हाउस पर दूसरी बार जुआ का अड्डा जमाया था। इससे साफ हो गया है कि यहां जुआ का खेल एक बार नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि इंदौर वित्त विकास निगम की एमडी आईएएस वंदना वैद्य के स्वामित्व वाले इस फार्म हाउस में ताश के पत्तों पर लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे थे। पुलिस ने दबिश देकर मौके से 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया और करीब 13 लाख रुपये नकद जब्त किए। हालांकि पूरे नेटवर्क का कथित सरगना जगदीश अंकल पुलिस कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जगदीश अंकल ने इस फार्म हाउस को सुरक्षित ठिकाना मानते हुए यहां दूसरी बार जुआ खिलवाया था। पहली बार किसी तरह कार्रवाई से बच निकलने के बाद उसे यह जगह पूरी तरह सुरक्षित लगी, जिसके बाद उसने फिर बड़े स्तर पर यहां जुआ दरबार सजा दिया।
सूत्रों के मुताबिक जुआ खेलने आने वाले लोगों को अलग-अलग जिलों से निजी टैक्सी और बसों के जरिए यहां लाया जाता था, ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी बाहर न पहुंच सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आरोपी जगदीश राठौर उर्फ ‘जगदीश अंकल’ लंबे समय से संगठित तरीके से जुआ नेटवर्क चला रहा था। उसके संपर्क इंदौर के अलावा धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन और देवास तक फैले बताए जा रहे हैं। वह इन जिलों से जुआरियों को बुलाकर गुप्त स्थानों पर हाईप्रोफाइल जुआ खिलाने का काम करता था और लाखों रुपये के दांव लगवाए जाते थे।
फार्म हाउस का केयरटेकर रंजीत चौधरी भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गया है। पुलिस का मानना है कि उसकी जानकारी या मिलीभगत के बिना फार्म हाउस में इतने बड़े स्तर पर जुआ संचालित होना संभव नहीं था। फिलहाल वह भी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।