गैस सप्लाई पर संकट:होर्मुज स्ट्रेट खुलते ही खत्म नहीं होगी LPG की किल्लत, सप्लाई सामान्य होने में लगेंगे कई दिन

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने से कीमतों में उछाल और डिलीवरी में देरी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट फिर से पूरी तरह खुल जाता है, तो क्या हालात तुरंत सामान्य हो जाएंगे या लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
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होर्मुज स्ट्रेट खुलते ही खत्म नहीं होगी LPG की किल्लत, सप्लाई सामान्य होने में लगेंगे कई दिन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    होर्मुज स्ट्रेट खुलना राहत की शुरुआत जरूर है, लेकिन तुरंत समाधान नहीं। सप्लाई चेन को पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा, इसलिए आने वाले दिनों में भी उपभोक्ताओं को और की जरूरत होगी।

    आयात पर निर्भरता बनी बड़ी चुनौती

    भारत की एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है, जिससे सप्लाई पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर रहती है। खास बात यह है कि आयात का अधिकांश हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ही भारत पहुंचता है। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग में जरा सी भी बाधा देशभर में गैस की उपलब्धता को प्रभावित कर देती है। जैसे ही तनाव बढ़ा, सप्लाई चेन पर दबाव दिखने लगा और इसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा।

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    रास्ता खुलने के बाद भी तुरंत राहत मुश्किल

    होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से जहाजों की आवाजाही जरूर आसान हो जाएगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तुरंत गैस की कमी खत्म हो जाएगी। एलपीजी की सप्लाई एक लंबी प्रक्रिया से गुजरती है। जहाज बंदरगाह पर पहुंचने के बाद गैस को बॉटलिंग प्लांट तक ले जाया जाता है, फिर सिलेंडरों में भरकर डिस्ट्रीब्यूटर्स तक भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में हर खेप को तैयार होने में 2 से 3 दिन का समय लग जाता है।

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    हालात सामान्य होने में लग सकते हैं 1-2 हफ्ते

    विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई पूरी तरह पटरी पर आने में कुछ दिन से लेकर दो हफ्ते तक का समय लग सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जहाज कितनी तेजी से पहुंचते हैं और वितरण तंत्र कितनी कुशलता से काम करता है।स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने कुछ कदम भी उठाए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच समय बढ़ाया गया है, वहीं रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाया जा सके।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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