इंटरनेशनल डेस्क। इजरायल और अमेरिका ने ईरान के इस्फहान केंद्र पर हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को दोनों देशों ने पांचवीं बार इस्फहान को निशाना बनाया। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका के एक एयरक्राफ्ट और 2 ब्लैक सी-हॉक हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। इनके मलबे का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में इस्फहान में दोनों यूएस ब्लैक सी-हॉक हेलीकॉप्टर का मलबा बिखरा हुआ और जलता हुआ दिखाई दे रहा है। इसमें अमेरिका के एक सी-130 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का भी जला हुआ मलबा नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि यह विमान इस्फहान के दक्षिणी इलाके में लापता अमेरिकी एयरमैन की तलाश में लगा हुआ था।
आरटी डॉट कॉम ने इस्फहान परमाणु केंद्र से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि इस्फहान में ईरान द्वारा गिराए गए 2 यूएस ब्लैक सी-हॉक हेलीकॉप्टर और एक अमेरिकी सी-130 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का यह पहला वीडियो है। ईरान ने दक्षिणी इस्फहान क्षेत्र में इन हेलीकॉप्टरों को मार गिराया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हेलीकॉप्टर शनिवार को गिराए गए थे या रविवार को, लेकिन मलबा मिलने से अमेरिका को हुए नुकसान की पुष्टि मानी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि लापता एयरमैन को विशेष ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बचा लिया गया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यह अधिकारी एक कर्नल थे, जो F-15E लड़ाकू विमान गिराए जाने के बाद लापता हो गए थे। उन्होंने कहा, 'हमने उसे बचा लिया। पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अपने इतिहास के सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया।'
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बताया गया कि इससे एक दिन पहले उसी मिशन में एक अन्य अमेरिकी पायलट को भी बचाया गया था। दूसरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा गया, ताकि दूसरे एयरमैन की लोकेशन खतरे में न पड़ जाए। माना जा रहा है कि दोनों रेस्क्यू मिशन बेहद संवेदनशील परिस्थितियों में अंजाम दिए गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से अपने पायलट को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई को अमेरिकी इतिहास की सबसे साहसिक घटना बताया, लेकिन ईरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि F-15E फाइटर जेट के पायलट को बचाने के लिए अमेरिका द्वारा चलाया गया कथित ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ सफल नहीं हो सका। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी प्रेस टीवी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी मिशन को विफल कर दिया गया।
ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना का प्रयास नाकाम कर दिया गया। उन्होंने कहा, 'सर्वशक्तिमान ईश्वर की कृपा और दिव्य सहायता एवं सशस्त्र बलों की समयोचित कार्रवाई और संयुक्त अभियानों के माध्यम से दुश्मन के गिराए गए फाइटर जेट के पायलट को बचाने के हताश प्रयास विफल हो गए हैं।'
ईरानी मीडिया और प्रेस टीवी के मुताबिक यह ऑपरेशन इस्फहान के दक्षिण में एक परित्यक्त एयरफील्ड के पास चलाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी दल पायलट को निकालने के उद्देश्य से तेजी से वापसी की योजना पर काम कर रहा था, लेकिन ईरानी बलों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण उनका प्लान पूरा नहीं हो सका। प्रेस टीवी ने दावा किया कि विशेषज्ञों की जांच में यह पुष्टि हुई है कि इस अभियान के दौरान अमेरिका के 2 सी-130 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को नष्ट कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्रवाई को ईरान अपनी सैन्य प्रतिक्रिया की बड़ी सफलता के रूप में पेश कर रहा है।
बीते 36 घंटे में ईरान ने अमेरिका को युद्ध में बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान अमेरिका के 2 एफ-15 ई फाइटर, एक ए-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर और ड्रोन मार गिराए गए। इसमें यूएस ब्लैक सी-हॉक के साथ चिनूक हेलीकॉप्टर भी शामिल बताया गया है। इसके अलावा एमक्यू-9 ड्रोन को भी हमले में नष्ट किए जाने की बात कही गई है।