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डिजिटल इंडिया को झटका!स्मार्टफोन अपग्रेड पर दबाव, 22 करोड़ यूजर्स के लिए बढ़ा खर्च

देश में 22 करोड़ से ज्यादा फीचर फोन यूजर्स अब स्मार्टफोन में अपग्रेड करना चाहते हैं लेकिन कीमतें उनकी राह में सबसे बड़ी रुकावट बन रही हैं।
स्मार्टफोन अपग्रेड पर दबाव, 22 करोड़ यूजर्स के लिए बढ़ा खर्च
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    देश में 22 करोड़ से ज्यादा फीचर फोन यूजर्स अब स्मार्टफोन में अपग्रेड करना चाहते हैं लेकिन कीमतें उनकी राह में सबसे बड़ी रुकावट बन रही हैं। शुरुआती फीचर फोन और एंट्री-लेवल स्मार्टफोन के बीच पहले ही 4,000 से 6,000 रुपए का अंतर है जो लगातार बढ़ता जा रहा है।

    मेमोरी महंगी, फोन भी होंगे और महंगे

    उद्योग के अनुमान के मुताबिक इस साल मेमोरी चिप की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ेगा और प्रति फोन लागत 6,000 से 8,000 रुपए तक बढ़ सकती है। इससे सस्ते स्मार्टफोन और भी दूर होते जाएंगे।

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    4G से 5G तक बढ़ता खर्च

    काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार 4G फीचर फोन से 4G स्मार्टफोन में अपग्रेड करने के लिए यूजर्स को करीब 4,000 रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं। वहीं 5G स्मार्टफोन के लिए यह अंतर करीब 6,000 रुपए तक पहुंच जाता है। आने वाले समय में यह गैप और बढ़ने की आशंका है।

    सरकार के सामने ‘अफोर्डेबिलिटी’ बड़ी चुनौती

    दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि अब नेटवर्क कवरेज नहीं बल्कि फोन खरीदने की क्षमता डिजिटल समावेशन की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कई लोगों के लिए एक बेसिक स्मार्टफोन उनकी मासिक आय का 30-40% तक होता है जो काफी ज्यादा है।

    PLI योजना में बदलाव की जरूरत

    सरकार की PLI योजना अब ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘अफोर्डेबल इन इंडिया’ की दिशा में जाने की जरूरत है ताकि आम यूजर तक सस्ते स्मार्टफोन पहुंच सकें। हालांकि मौजूदा फोकस अभी भी एक्सपोर्ट बढ़ाने और वैल्यू एडिशन पर ज्यादा है।

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    सस्ते स्मार्टफोन की कैटेगरी सिकुड़ रही

    विशेषज्ञों का कहना है कि 5,000 से 10,000 रुपए की रेंज वाले स्मार्टफोन की कैटेगरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इस सेगमेंट में कम विकल्प हैं और कंपनियों के लिए मुनाफा कमाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सस्ते स्मार्टफोन का विकल्प और सीमित होता जा रहा है।

    Dr. Sumit  Shrivastava
    By Dr. Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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