राजा रघुवंशी नया ट्विस्ट-राज पर दो करोड़ की हेराफेरी का आरोप ,जमानत कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत

इंदौर - मर्डर केस में आरोपी सोनम को जमानत मिलते ही पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जमानत के बाद मृतक राजा के परिवार ने शिलॉन्ग पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इसे सिस्टम की नाकामी बताया है। परिवार का आरोप है कि न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई है और पैसे के दम पर फैसले प्रभावित किए गए हैं। वहीं, इस पूरे विवाद के बीच सोनम के भाई गोविंद सामने आए और उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वही पूरे मामले में सोनम की सह आरोपी राज की शिलांग कोर्ट में सुनवाई हैं राज ने भी अपनी जमानत कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की हैं
संबंधित खबर: राजा रघुवंशी में नया मौड़: 10 माह बाद सोनम रघुवंशी को सशर्त जमानत, शिलांग से बाहर जाने पर रोक
“मेरी कोई भूमिका नहीं”— गोविंद ने तोड़ी चुप्पी
सोनम की जमानत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गोविंद ने साफ कहा कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के माध्यम से ही मिली। कोर्ट का आदेश आने के बाद ही सोनम की रिहाई हुई और इस प्रक्रिया में उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। गोविंद का कहना है कि अगर उनके पास इतना प्रभाव होता तो वह पहले ही दिन कुछ कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं है।
संबंधित खबर: वही पिता, जिन्होंने पहले सोनम से नाता तोड़ : जमानत के लिए पहुंचे शिलांग,होटल वाले से दिलवाई जमानत
परिवार के आरोपों पर पलटवार, कहा— सब बेबुनियाद
राजा के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर गोविंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन पर आर्थिक और कानूनी मदद देने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। उनका कहना है कि उन्होंने न तो किसी वकील की व्यवस्था की और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने खुद को इस पूरे मामले में बेवजह घसीटे जाने का आरोप लगाया।
ये भी पढ़ें: भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट में तीखी बहस, अधिवक्ता मेनन बोलीं- यह जनहित नहीं, सिविल मामला; निचली अदालत तय करे हक
जेल से सीमित बातचीत, मदद की मांग भी ठुकराई
गोविंद ने बताया कि सोनम से उनकी बातचीत बेहद सीमित रही है। जेल से एक-दो बार फोन जरूर आया, लेकिन वह सामान्य बातचीत तक ही सीमित रहा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सोनम ने उनसे मदद की बात कही थी, लेकिन उन्होंने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
ये भी पढ़ें: शहडोल : पारिवारिक कलह के चलते फूफा ने किया एक साल के मासूम का अपहरण
राजा के परिवार से अपील— धैर्य रखें, न्याय मिलेगा
मृतक राजा के परिवार की पीड़ा को समझते हुए गोविंद ने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जमानत अंतिम फैसला नहीं है और अभी पूरी सुनवाई बाकी है। उन्होंने परिवार से अपील की कि वे कोर्ट की प्रक्रिया पर भरोसा रखें और किसी पर आरोप लगाने से पहले संयम बरतें।
जमानत की शर्तें: शिलॉन्ग में रहना और नियमित हाजिरी
सोनम को मिली जमानत कुछ शर्तों के साथ दी गई है। उसे शिलॉन्ग जिले की सीमा में ही रहना होगा और समय-समय पर कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। साथ ही, साप्ताहिक रूप से थाने में हाजिरी लगाने की भी शर्त बताई जा रही है। गोविंद ने साफ किया कि सोनम के इंदौर आने की कोई योजना नहीं है।
गोविंद ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे निजी वकील रख सकें। उन्होंने बताया कि इस मामले में सरकारी वकील ही पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनके पास संसाधन होते तो वे अलग व्यवस्था कर सकते थे, लेकिन वर्तमान में वे खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
इस मामले में गोविंद ने एक नया खुलासा करते हुए दावा किया कि ‘राज’ नाम के व्यक्ति ने उनके यहां से करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये का गबन किया था। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उसी के जरिए तैयार की गई साजिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गोविंद ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे मामले ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से वे मानसिक और आर्थिक दबाव में जी रहे हैं और हर दिन लोगों के सवालों और आरोपों का सामना कर रहे हैं।
राजा के परिवार द्वारा CBI जांच की मांग पर गोविंद ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि परिवार को पूरा अधिकार है कि वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं। उनका मानना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी।












