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जबलपुर:एक साल पुराने तबादला आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, पूछा- अब कैसे किया जा रहा है रिलीव ?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक कर्मचारी के एक साल पुराने ट्रांसफर आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। वेकेशन बेंच ने इस बात पर हैरानी जताई कि जून 2025 के आदेश के आधार पर कर्मचारी को एक साल बाद कैसे रिलीव किया जा रहा है।
एक साल पुराने तबादला आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, पूछा- अब कैसे किया जा रहा है रिलीव ?

जबलपुर। जस्टिस विशाल मिश्रा की वेकेशन बेंच ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी किया है। साथ ही याचिकाकर्ता को कटंगी स्थित वर्तमान पदस्थापना स्थल पर कार्य करने की अनुमति दी गई है।

2025 में हुआ था ट्रांसफर का आदेश

जबलपुर जिले के नायब तहसीलदार कार्यालय, कटंगी में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ प्रदीप सिंह ठाकुर का स्थानांतरण 17 जून 2025 को कटंगी से सिहोरा किया गया था। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था। उस दौरान से मामला लंबित बना हुआ था।

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एक साल तक नहीं किया गया कार्यमुक्त

याचिकाकर्ता की जगह किसी अन्य कर्मचारी की पदस्थापना नहीं की गई थी। साथ ही उनका अभ्यावेदन भी लंबित था। इसी कारण उन्हें पिछले एक वर्ष से स्थानांतरित पद पर कार्यमुक्त नहीं किया गया और वे कटंगी में ही कार्यरत रहे।

नई ट्रांसफर नीति के बाद जारी हुआ आदेश

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने अदालत को बताया कि 25 मई 2026 को राज्य सरकार की नई ट्रांसफर नीति लागू होने के बाद तहसीलदार पाटन द्वारा 29 मई 2026 को उन्हें अचानक रिलीव कर सिहोरा में ज्वॉइन करने का आदेश जारी किया गया। याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को अनुचित और दुर्भावनापूर्ण बताया।

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हाईकोर्ट ने पूछा अहम सवाल

अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए वेकेशन बेंच ने राज्य सरकार के वकील से सीधा सवाल किया कि जून 2025 के आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ता को अब कैसे रिलीव किया जा रहा है। अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त किया। हालांकि शासकीय अधिवक्ता इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके।

अगली सुनवाई तक लगाई रोक

मामले की सुनवाई के बाद बेंच ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही 17 जून 2025 के स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को फिलहाल कटंगी स्थित वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करने दिया जाए।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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