यहां शव को देना पड़ता है किराया :टाइम पर नहीं लौटाया पैसा तो बाहर फेंक दिया जाता है मुर्दा

यहां माहौल सन्नाटे वाला नहीं, बल्कि जीवंत होता है। लोग समय-समय पर अपने अपनों की इन ‘छोटी कोठरियों’ को साफ करने, सजाने और उन्हें याद करने आते हैं। यह परंपरा एक तरह से यादों को जिंदा रखने का तरीका बन गई है।
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टाइम पर नहीं लौटाया पैसा तो बाहर फेंक दिया जाता है मुर्दा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंसान जो अपनी जिंदगी में कई बड़े सपने देखता है, लेकिन जो सबसे बड़ा सपना होता है वो है उसका अपना घर जिसे खरीदने के लिए वे कई बार लोन और EMI का सहारा लेता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि मरने के बाद इंसान को रेंट देना पड़े। जी हां दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां कब्रिस्तान में इंसना अपनी EMI भरता है।

    बोलेविया में मौजूद है अजीबोगरीब कब्रिस्तान

    यह कब्रिस्तान बोलिविया के ला पाज स्थित Cementairo General में मौजूद है। जहां लाशों को दफनाने से पहले किराया देना पड़ता है। इतना ही नहीं अगर यहां किसी फैमिली ने समय से मृतक का किराया नहीं दिया ऐसे में नगर- पालिका उन लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेती है। नगर- पालिका वाले यहां नोटिस देती है।

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    20 लाख लोगों के अवशेष, 10 साल के पट्टे पर रहती है लाश

    ला पाज में मौजूद यह कब्रिस्तान 210 एकड़ में फैला है। यहां करीबन लाख लोगों के अवशेष मौजूद है, लेकिन यहां एक और चीज मौजूद है जो आपको हैरान कर देगी। दरअसल यहां पर एक लाश को 10 साल के लीज पट्टे पर दफनाया जाता है। वहीं जैसे ही इसकी समय-सीमा पूरी होती है तो फैमिली को किराया भरना पड़ता है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो प्रशासन शव को कब्रिस्ता 

    दीवारों में बसे अपार्टमेंट जैसे कब्रिस्तान, जहां यादें रहती हैं जिंदा

    यह जगह किसी आम कब्रिस्तान जैसी नहीं दिखती, बल्कि एक बहुमंजिला इमारत का एहसास कराती है। यहां दीवारों में छोटे-छोटे कांच के बॉक्स बने होते हैं, जो बिल्कुल अपार्टमेंट जैसे लगते हैं। इन बॉक्स को लोग किराए पर लेते हैं और उनमें अपने प्रियजनों की तस्वीरें, फूल और उनकी पसंदीदा चीजें सजाकर रखते हैं।

    यहां माहौल सन्नाटे वाला नहीं, बल्कि जीवंत होता है। लोग समय-समय पर अपने अपनों की इन ‘छोटी कोठरियों’ को साफ करने, सजाने और उन्हें याद करने आते हैं। यह परंपरा एक तरह से यादों को जिंदा रखने का तरीका बन गई है।

    हैरानी की बात यह है कि यह सिर्फ भावनाओं से जुड़ा स्थान नहीं, बल्कि एक बड़ा कारोबार भी बन चुका है। मौत के बाद भी जगह की कीमत चुकानी पड़ती है और ये “अपार्टमेंट स्टाइल कब्रें” आज करोड़ों के बिजनेस का हिस्सा बन चुकी हैं।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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