People's Interview : मप्र के मंत्रियों के कामकाज का हो चुका आकलन, फेरबदल में अभी और लगेगा समय-खंडेलवाल

राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, सत्ता-संगठन की नियुक्तियां एवं राज्यसभा की तीसरी सीट पर जीत को अपने एक वर्षीय कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि मानते हैं। प्रदेश के 40 से अधिक जिलों का दौरा किया और हर जिले में निचले स्तर तक जाने का संकल्प है। मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा और उनके कामकाज का आकलन भी किया गया।
सरकार से बेहतर तालमेल, अयोध्या मामले से ट्रस्ट के भरोसे में कमी
'पीपुल्स समाचार' से विशेष चर्चा में खंडेलवाल ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे पर भी खुलकर अपने विचार रखे। प्रदेश सरकार के कामकाज, ओरछा में प्रस्तावित कार्यसमिति बैठक, मंत्रिमंडल फेरबदल, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की संभावित टीम से लेकर राज्यसभा के लिए महेश केवट के चयन का कारण भी समझाया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार/फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है अभी इसमें कुछ और समय लग सकता है। प्रस्तुत है उनसे चर्चा के प्रमुख अंश....
सवाल: पार्टी की कमान संभाले एक साल बीत गया। कार्यकाल को किस तरह देखते हैं, उपलब्धियां क्या रहीं?
जवाब: संगठन की नियुक्तियां, डिजिटल प्रशिक्षण और पार्टी कार्यक्रमों का निचले स्तर तक क्रियान्वयन। सरकार के साथ समन्वय और कार्यकर्ताओं का संतोष ही हमारी पूंजी है।
सवाल: व्यस्तता के बीच अब तक कितने जिलों का प्रवास हो पाया?
जवाब: प्रवास मेल-मुलाकात निरंतर जारी है। 40 जिले और 100 से ज्यादा दौरे हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि हर जिले में साल में 1-2 दौरे हो जाएं।
ये भी पढ़ें: सिवनी: खेत में उतरे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, धान की रोपाई कर किसानों से किया संवाद
सवाल: अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले को कैसे देखते हैं, यूपी विधानसभा चुनाव पर कितना असर पड़ेगा?
जवाब: ट्रस्ट से जो अपेक्षा थी उसमें और भरोसे में जरूर कमी आई है। सरकार के संज्ञान में मामला आते ही सख्त एक्शन हुआ है। रिजल्ट भी सबके सामने है, नकारात्मक वातावरण बदल जाएगा।
सवाल: पार्टी, सरकार के कामकाज की ब्रांडिंग भी कर रही है। सरकार के परफार्मेंस पर आपका क्या आकलन है?
जवाब: जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास है। रोजगार, पर्यटन, औद्योगिक, कृषि और धार्मिक क्षेत्रों में अच्छा काम हुआ।
सवाल: सत्ता-संगठन की नियुक्तियों पर क्या कहेंगे, कुछ लोग अब भी इंतजार में है?
जवाब: 60 से अधिक निगम-मंडल की नियुक्तियां घोषित हो चुकी हैं। शेष निगम और प्राधिकरणों का फैसला भी हो जाएगा।
सवाल: मंत्रिमंडल फेरबदल/विस्तार की चचार्एं कब तक फलीभूत हो पाएंगी?
जवाब: सीएम का विशेषाधिकार है, केंद्रीय नेतृत्व से परामर्श के बाद यह भी हो जाएगा।
सवाल: मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा और उनके परफार्मेंस आकलन का नतीजा कब सामने आएगा? मंत्रियों की पब्लिक इमेज पर क्या कहेंगे?
जवाब: मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर उन्हें समझाइश भी दी है। उन्हें जिलों के प्रवास व कोर कमेटी की बैठक संबंधी अनिवार्यता भी बताई गई है।
ये भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु में विजय की सरकार गिराने की साजिश, एक विधायक को 35 करोड़ का मिला था ऑफर!












