AIIMS स्टडी में बड़ा खुलासा :12 हफ्ते योग करने से PCOS के लक्षणों में सुधार

आजकल महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह समस्या शहरों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब गांवों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब खानपान, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं।
क्या है PCOS?
PCOS महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। समय पर इलाज और सही जीवनशैली न अपनाने पर यह समस्या आगे चलकर डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
AIIMS की रिसर्च में क्या सामने आया?
AIIMS के एनाटॉमी विभाग की मॉलिक्यूलर रिप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स लैब में प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा के नेतृत्व में यह अध्ययन किया गया। रिसर्च में पाया गया कि नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान करने से PCOS के कई लक्षणों में सुधार हो सकता है।
डॉ. रीमा दादा के अनुसार, बदलती जीवनशैली के कारण देश में PCOS के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन योग और ध्यान इस समस्या को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
PCOS के सामान्य लक्षण
PCOS होने पर महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे कई तरह की समस्याएं दिखाई देती हैं।
- पीरियड्स का अनियमित होना
- तेजी से वजन बढ़ना
- चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आना
- मुंहासों की समस्या बढ़ना
- गर्भधारण में कठिनाई होना
100 से ज्यादा महिलाओं पर किया गया अध्ययन
इस रिसर्च में 100 से अधिक महिलाओं को शामिल किया गया था। सभी महिलाओं ने 12 सप्ताह तक सप्ताह में पांच दिन और प्रतिदिन 90 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। अध्ययन पूरा होने के बाद शोधकर्ताओं ने महिलाओं के स्वास्थ्य में कई सकारात्मक बदलाव दर्ज किए।
योग और ध्यान से क्या फायदे मिले?
रिसर्च के अनुसार नियमित योग करने वाली महिलाओं में कई सुधार देखने को मिले।
- पीरियड्स नियमित होने लगे
- टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हुआ
- चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल कम हुए
- मुंहासों की समस्या में कमी आई
- वजन नियंत्रण में मदद मिली
- तनाव और डिप्रेशन के लक्षण कम हुए
- कुछ महिलाओं को गर्भधारण करने में भी सफलता मिली
मेटाबॉलिक हेल्थ में भी हुआ सुधार
शोध में यह भी पाया गया कि योग और ध्यान करने से महिलाओं की मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर हुई।
- ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिली
- वजन घटाने में सहायता मिली
- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम हुआ
- मानसिक स्वास्थ्य में सुधार देखा गया
PCOS में कौन-कौन से योगासन फायदेमंद हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार PCOS से जूझ रही महिलाएं इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकती हैं।
- बद्ध कोणासन
- सेतु बंधासन
- भुजंगासन (कोबरा पोज)
- नौकासन
- मलासन
- सूर्य नमस्कार
डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी
हालांकि योग और ध्यान PCOS के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच कराना भी जरूरी है। सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।











