Health Alert :क्या सिर्फ Omega-3 सप्लीमेंट लेने से दिमाग तेज होता है? नई स्टडी ने खोली हकीकत

क्या Omega-3 सप्लीमेंट लेने से दिमाग तेज होता है और अल्जाइमर का खतरा कम होता है? नई क्लिनिकल स्टडी में सामने आया कि केवल सप्लीमेंट लेने से याददाश्त में खास सुधार नहीं होता। जानिए रिसर्च के नतीजे, ओमेगा-3 के प्राकृतिक स्रोत और ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी लाइफस्टाइल टिप्स।
क्या सिर्फ Omega-3 सप्लीमेंट लेने से दिमाग तेज होता है? नई स्टडी ने खोली हकीकत
क्या Omega-3 सप्लीमेंट लेने से दिमाग तेज होता है और अल्जाइमर का खतरा कम होता है?

दिमाग को तेज बनाने और अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए कई लोग ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स लेते हैं। लेकिन हाल ही में हुई एक क्लिनिकल स्टडी ने इस धारणा पर सवाल खड़े किए हैं। रिसर्च में पाया गया कि केवल ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता या दिमाग की कोशिकाओं की सुरक्षा में कोई बड़ा फायदा नहीं मिला।

क्या ओमेगा-3 सप्लीमेंट बेअसर हैं?

रिसर्च के दौरान जिन लोगों को ओमेगा-3 सप्लीमेंट दिए गए, उनके शरीर और दिमाग में ओमेगा-3 का स्तर बढ़ा। हालांकि, इससे उनकी मानसिक क्षमता या याददाश्त में कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं देखा गया। इसका मतलब यह नहीं है कि ओमेगा-3 बेकार है, बल्कि सिर्फ सप्लीमेंट के भरोसे दिमाग को स्वस्थ रखने की उम्मीद करना सही नहीं माना जा सकता।

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। ब्रेन हेल्थ के लिए ये आदतें फायदेमंद मानी जाती हैं-

  • नियमित व्यायाम करें।
  • रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें।
  • तनाव को कम करने की कोशिश करें।
  • संतुलित और पौधों पर आधारित आहार लें।
  • सामाजिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहें।

प्राकृतिक स्रोतों से ओमेगा-3 लेना बेहतर

विशेषज्ञों का कहना है कि ओमेगा-3 की जरूरत पूरी करने के लिए प्राकृतिक खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

इन चीजों में भरपूर ओमेगा-3 पाया जाता है-

  • सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी फैटी फिश
  • अखरोट
  • चिया सीड्स
  • अलसी (फ्लैक्स सीड्स)

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मेडिटेरेनियन डाइट क्यों मानी जाती है फायदेमंद?

रिसर्चर्स ने मेडिटेरेनियन डाइट का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के लोग केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर नहीं रहते। वे मछली, मेवे और बीजों से प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3 लेते हैं। साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि, कम तनाव और संतुलित जीवनशैली अपनाते हैं। यही कारण है कि वहां ब्रेन हेल्थ पर बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं।

किन लोगों पर हुई यह स्टडी?

यह क्लिनिकल स्टडी 55 से 80 वर्ष की उम्र के 365 लोगों पर की गई, जिनमें डिमेंशिया का खतरा बढ़ाने वाले एक या अधिक जोखिम कारक मौजूद थे। दो साल तक एक समूह को रोजाना हाई-डोज ओमेगा-3 सप्लीमेंट दिया गया। दूसरे समूह को प्लेसीबो (डमी दवा) दी गई।

एमआरआई, रक्त जांच और मानसिक क्षमता से जुड़े परीक्षणों के बाद पाया गया कि सप्लीमेंट लेने वालों में ओमेगा-3 का स्तर बढ़ा, लेकिन याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं दिखा।

क्या ओमेगा-3 शरीर के लिए जरूरी नहीं है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ईपीए एंड डीएचए ओमेगा-3 के अनुसार, ओमेगा-3 शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। यह हृदय, मस्तिष्क और शरीर की कोशिकाओं के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, यदि खानपान असंतुलित हो, शारीरिक गतिविधि कम हो और जीवनशैली अस्वस्थ हो, तो केवल ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेकर दिमाग तेज करने या अल्जाइमर के खतरे को कम करने की उम्मीद करना सही नहीं माना जाता।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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