
IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL Tech के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर करीब 11% टूटकर ₹1281 पर आ गया जो इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर है। यह अक्टूबर 2015 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे बाजार की उम्मीद से कमजोर रहे। जहां बाजार को उम्मीद थी कि रेवेन्यू में करीब 1% की मामूली गिरावट आएगी वहीं वास्तविक गिरावट 3.3% दर्ज की गई। सरल भाषा में समझें तो कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से ज्यादा घटी जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
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कंपनी मैनेजमेंट के मुताबिक
इन सभी वजहों से कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 4% से 4.5% ग्रोथ का लक्ष्य रखा था लेकिन साल खत्म होने पर यह ग्रोथ केवल 3.9% ही रही। कंपनी अपने तय लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई जो निवेशकों के लिए एक नेगेटिव संकेत माना गया।
कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाली तिमाही में भी यह सुस्ती जारी रह सकती है। ऐसे में HCL Tech अब अपनी रणनीति बदलते हुए AI और नई तकनीकों में निवेश बढ़ाने पर ध्यान दे रही है साथ ही सेल्स टीम को मजबूत करने की योजना बना रही है।
HCL Tech शेयर में लगातार गिरावट देखी जा रही है, पिछले 1 दिन में शेयर करीब 11% गिरा है। शेयर में 6 महीने में 15% की गिरावट दर्ज हुई है वहीं
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विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर फिलहाल ग्लोबल सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में कंपनियों के ऑर्डर और ग्रोथ पर दबाव बना हुआ है। HCL Tech के लिए आने वाले कुछ क्वार्टर चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं हालांकि AI और नई टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य में ग्रोथ का रास्ता खोल सकता है।