चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने ही पांच विधायकों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। यह कदम राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद उठाया गया है। इस फैसले से न सिर्फ पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है, बल्कि प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि, पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
16 मार्च को हरियाणा में राज्यसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध मैदान में थे, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार सतीश नांदल भी चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों पर आरोप लगा कि, उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की, लेकिन इस क्रॉस वोटिंग ने पार्टी नेतृत्व को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
कांग्रेस ने जिन पांच विधायकों को सस्पेंड किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं-
इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप है।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि, यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन के कारण की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश के आधार पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि, इस कार्रवाई को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद लागू किया गया है। पार्टी का मानना है कि इन विधायकों ने अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान कर गंभीर अनुशासनहीनता की है।
कांग्रेस ने इस फैसले के जरिए साफ संदेश दिया है कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी नेता या कार्यकर्ता द्वारा पार्टी के निर्णयों के खिलाफ जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि, यह निर्णय अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी चेतावनी है कि संगठन के नियमों का पालन अनिवार्य है।
नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी ने कहा कि, उन्हें अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पत्र मिलने के बाद ही वह इस मामले पर कुछ प्रतिक्रिया देंगी। वहीं रेनू बाला का मोबाइल फोन फिलहाल बंद बताया जा रहा है। उनके सहयोगियों के अनुसार, उन्हें भी अभी तक सस्पेंशन की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
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बताया जा रहा है कि, सस्पेंड की गईं विधायक शैली चौधरी और रेनू बाला, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा के करीब मानी जाती हैं। दोनों दूसरी बार विधायक बनी हैं। चुनाव के दिन शैली चौधरी को विधानसभा के बाहर भाजपा से जुड़े लोगों के साथ देखा गया था। वहीं मोहम्मद इलियास वोटिंग के बाद मुख्यमंत्री से मिलने भी पहुंचे थे, जिससे संदेह और गहरा गया।
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बिंदु |
विवरण |
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कुल विधायक |
90 |
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वैध वोट |
83 |
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कांग्रेस वोट |
28 |
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भाजपा वोट |
47 |
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जीत का अंतर |
0.66 वोट |
इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की।
कांग्रेस के कुल 37 विधायकों में से 4 के वोट रद्द हो गए थे और 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार जीत गए, लेकिन यह घटना पार्टी के लिए बड़ा झटका मानी गई। भाजपा समर्थित उम्मीदवार सतीश नांदल को कुल 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 28 वोट मिले। इस तरह बेहद मामूली अंतर से परिणाम तय हुआ।
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राजनीतिक और संवैधानिक जानकारों के अनुसार-
यानी सस्पेंड होने के बावजूद ये विधायक तकनीकी रूप से कांग्रेस विधायक ही रहेंगे।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आने वाले समय में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संगठन को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
इस फैसले का असर हरियाणा की राजनीति पर साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस ने अनुशासन का सख्त संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर गुटबाजी की चर्चा भी तेज हो गई है।