सड़क सुधार को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, भूमिपूजन के बाद तेज हुई बयानबाजी

हरदा। खंडवा-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे पर पोखरनी से हरदा के बीच बदहाल सड़क का मुद्दा अब सियासी टकराव में बदल गया है। सड़क सुधार को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेता आमने-सामने हैं। एक तरफ कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने सड़क की स्थिति को लेकर पदयात्रा शुरू की है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मंत्री कमल पटेल ने इस पदयात्रा और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है।
12 करोड़ के सड़क सुधार का भूमिपूजन
एक दिन पहले खंडवा-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे के सुधार कार्य का भूमिपूजन किया गया। बताया गया कि सड़क सुधार के लिए करीब 12 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। पूर्व मंत्री कमल पटेल ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर कार्य का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन के बाद कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे झूठी वाहवाही बताया था। उनका कहना था कि सड़क की बदहाल स्थिति लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
30 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू
सड़क सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने रविवार को छीपाबड़ से हरदा के बीच करीब 30 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है और लोगों की परेशानी को सामने लाने के लिए यह पदयात्रा निकाली जा रही है। इसके बाद पूर्व मंत्री कमल पटेल ने विधायक दोगने पर तीखा हमला बोला। पटेल ने कहा कि जिस सड़क की मांग को लेकर विधायक पदयात्रा निकाल रहे हैं, उसके लिए 12 करोड़ रुपए स्वीकृत हो चुके हैं और काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में पदयात्रा किस बात की जा रही है, यह समझ से परे है।
कमल पटेल ने पदयात्रा को बताया ‘नौटंकी’
कमल पटेल ने विधायक की पदयात्रा को ‘नौटंकी’ बताते हुए उन पर क्षेत्र के विकास को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस विधायक अपने प्रयासों से कराए गए किसी बड़े काम का उदाहरण नहीं दे सकते। पटेल ने दावा किया कि हरदा क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार काम कराने में विश्वास रखती है और जिन विकास कार्यों की घोषणा की जाती है, उन्हें स्वीकृति दिलाकर जमीन पर उतारने का प्रयास भी किया जाता है।
खिरकिया कॉलेज को लेकर भी आमने-सामने
कमल पटेल ने खिरकिया कॉलेज के मुद्दे पर भी विधायक डॉ. आरके दोगने के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विधायक ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री खिरकिया में कॉलेज नहीं बनवा सके। पटेल ने कहा कि 2018-19 में विधायक रहते हुए उन्होंने विधानसभा में खिरकिया में कॉलेज खोलने को लेकर सवाल पूछा था। उनके मुताबिक, उस समय कांग्रेस सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने लिखित जवाब में कहा था कि खिरकिया में कॉलेज की आवश्यकता नहीं है।




















