हरदा: भूतड़ी अमावस्या पर हंडिया-नेमावर के घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, रातभर गूंजे पारंपरिक भजन
हरदा। सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर शनिवार को हरदा जिले के हंडिया और नेमावर स्थित नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला रातभर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में पुण्य स्नान कर पूजा-अर्चना की और नर्मदा जल लेकर अपने घरों के लिए रवाना हुए।
रिद्धनाथ मंदिर परिसर में रातभर चला भजन-कीर्तन
हंडिया और नेमावर के घाटों पर धार्मिक गतिविधियों के बीच रिद्धनाथ मंदिर परिसर में रातभर पारंपरिक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। ढोलक और झांझ की थाप पर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। इस दौरान कई स्थानों पर देव धामी की परंपरा निभाई गई और लोग धार्मिक उत्साह में शामिल हुए।पितृ पक्ष की अंतिम तिथि होने के कारण सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या का विशेष महत्व रहा। इसके साथ ही रविवार से शारदीय नवरात्रि शुरू होने के चलते श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। अमावस्या के बाद अब घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की आराधना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस और SDRF तैनात
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाटों और आसपास के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम किए थे। घाटों के अलावा प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। वहीं नर्मदा नदी में SDRF की टीम मोटरबोट के जरिए लगातार निगरानी करती रही, ताकि स्नान के दौरान किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
जाम से लोगों को हुई परेशानी
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था पर भी दबाव देखने को मिला। पुराने घाट स्थित थाना चौराहे और हंडिया के मुख्य चौराहे पर बार-बार वाहनों का जाम लगता रहा। इसके कारण राहगीरों और जाम में फंसे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद हंडिया और नेमावर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला लगातार जारी रहा।
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भूतड़ी अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व
सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष की अंतिम तिथि होने के कारण इस दिन पितरों के निमित्त पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इसके अगले दिन नवरात्रि शुरू होने से भी इस तिथि का महत्व बढ़ जाता है। इसी वजह से हंडिया और नेमावर के नर्मदा घाटों पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नर्मदा स्नान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के बीच दोनों प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पूरे समय भक्तिमय माहौल बना रहा।






















