Happy Birthday Sachin :अपर कट खेलने के लिए कभी प्रैक्टिस नहीं की, PAK के लिए 25 मिनट फील्डिंग, साईं बाबा की सलाह पर रखे घुंघराले बाल

स्पोर्ट्स डेस्क। 100 शतकों के महारथी, बैंटिंग टैक्निक में क्लास, टीवी पर जब भी अपर कट दिखा तो बस एक ही नाम याद आया सचिन तेंदुलकर। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक युग की पहचान बन जाते हैं सचिन तेंदुलकर उन्हीं में से एक हैं। महज 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले सचिन ने अगले 24 वर्षों तक अपने खेल से न सिर्फ रिकॉर्ड्स की नई परिभाषा लिखी, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों में एक खास जगह भी बनाई।
करियर एक नजर में
सचिन तेंदुलकर ने 1989 से 2013 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला।
कुल मैच: 664
कुल रन: 34,357
शतक: 100
अर्धशतक: 164
वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं।
2006 : करियर का मुश्किल दौर
साल 2006 में सचिन अपने करियर के कठिन दौर से गुजरे।
- पीठ की चोट से परेशान थे
- प्रदर्शन लगातार गिर रहा था
- डॉक्टरों ने कुछ शॉट्स खेलने से मना किया
हालांकि, उन्होंने वापसी करते हुए आलोचनाओं का जवाब अपने प्रदर्शन से दिया।
साईं बाबा की सलाह पर रखे घुंघराले बाल
सचिन तेंदुलकर सत्य साईं बाबा के प्रति गहरी आस्था रखते थे और उनके जीवन के कठिन दौर में बाबा की सलाह का खास प्रभाव रहा। बताया जाता है कि साईं बाबा ने सचिन को कुछ स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए थे और उनसे कुछ समय तक घुंघराले बाल रखने के लिए कहा था। बाबा खुद भी अपने घुंघराले बालों के लिए पहचाने जाते थे।
सचिन ने इस सलाह को माना और धीरे-धीरे अपनी फिटनेस पर काम करते हुए चोट से उबरने में सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने मैदान पर दमदार वापसी की और अपने प्रदर्शन से एक बार फिर खुद को साबित किया। यह बात साईं बाबा के देहावसान के बाद सामने आई, जब सचिन के जीवन में उनके प्रभाव को लेकर कई किस्से साझा किए गए।
क्रिकेट जगत से मिल रही बधाइयां
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सचिन को लेकर क्या बोले थे लारा?
सचिन महान हैं, मैं तो बस एक आम इंसान हूं, सचिन एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनकी बल्लेबाजी देखने के लिए मैं टिकट खरीदकर स्टैंड में बैठना पसंद करूंगा।”लारा खुद क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। ऐसे खिलाड़ी का यह बयान सचिन के कद को और बड़ा बनाता है
यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि सचिन की श्रेष्ठता की स्वीकारोक्ति भी माना जाता है।
1987 का दौर जब PAK के लिए फील्डिंग की
साल 1987 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक प्रदर्शनी मैच के दौरान एक अनोखी घटना हुई। पाकिस्तान टीम को सब्स्टीट्यूट फील्डर की जरूरत थी, कप्तान इमरान खान ने सचिन को मैदान पर उतारा, सचिन ने करीब 25 मिनट तक पाकिस्तान के लिए फील्डिंग की।
- पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन
टेस्ट: 18 मैच, 1057 रन
वनडे: 69 मैच, 2526 रन











