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किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला प्रदेश का पहला अस्पताल बना हमीदिया

जीवन संगिनी ने किडनी देकर पति को दिया नया जीवन
पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रहे गरीब मरीजों के लिए मंगलवार का दिन मंगलकारी साबित हुआ। राजधानी के हमीदिया अस्पताल में प्रदेश का पहला किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। बीते चार साल से यहां किडनी ट्रांसप्लांट की तैयारियां चल रही थीं। मुरैना जिले के पोरसा तहसील के गिदौली गांव के किशन दत्त शर्मा (48) को उनकी पत्नी ने अपनी किडनी डोनेट की। सोमवार शाम 5 बजे से पति-पत्नी (डोनर और रिसीपिएंट) की तमाम जांचों के साथ ही डॉक्टर्स की टीम ट्रांसप्लांट की तैयारियों में जुटी थी। मंगलवार सुबह 7 बजे डॉक्टरों की टीम हमीदिया अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक विभाग (सीटीवीएस) के ऑपरेशन थिएटर में पहुंची। करीब साढ़े चार घंटे चली सर्जरी के बाद पत्नी की किडनी निकालकर पति को प्रत्यारोपित की गई। किडनी ट्रांसप्लांट की कवायद 2017 से चल रही थी।

हमीदिया ने कर्जदार होने से बचाया

मरीज के बेटे राजीव शर्मा ने बताया कि वह इंदौर में एक निजी बैंक में काम करते थे। कोरोना काल में दो साल पहले जॉब चली गई। पांच साल से किडनी से पीड़ित पिता को लॉकडाउन में दवाएं नहीं मिल पार्इं। तबीयत बिगड़ रही थी। इस बीच अखबारों में पढ़ा कि हमीदिया में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होने जा रहा है। गांव में डेढ़ बीघा जमीन वाले किसान परिवार का निजी अस्पताल में ट्रांसप्लांट असंभव था। मार्च में डॉ. हिमांशु शर्मा से मिला। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अगस्त में पिताजी को भर्ती किया। बीच में रिपोर्ट ठीक न आने के कारण ट्रांसप्लांट टल गया। लेकिन यहां फ्री में ट्रांसप्लांट होने से कर्जदार होने से बच गया।

मंत्री सारंग बोले-इस सफलता पर गर्व, अब मैं पार्टी दूंगा

ट्रांसप्लांट सफल होने के बाद शाम 4 बजे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग हमीदिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर्स की टीम को बधाई दी। मंत्री सारंग ने डॉक्टर्स से कहा कि इस सफलता पर हमें गर्व है, अब सफल ट्रांसप्लांट होने की खुशी में आप सबको में अपनी ओर से पार्टी दूंगा। सारंग ने जीएमसी के डीन और हमीदिया के अधीक्षक को किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए दो डेडिकेटेड ओटी चिह्नित करने के निर्देश दिए।

किडनी ने दिया बेहतर रिस्पांस

डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद लगातार मॉनीटरिंग की। डॉक्टर्स के मुताबिक किडनी अच्छे से काम कर रही है। ट्रांसप्लांट के डेढ़ घंट में करीब डेढ़ लीटर यूरिन किडनी में एकत्रित हुआ है। अब हफ्ते भर तक निगरानी की जाएगी।

सर्जरी टीम में ये डॉक्टर रहे शामिल

नेफ्रोलॉजिस्ट: डॉ. हिमांशु शर्मा, डॉ. आरआर बर्डे, डॉ. चैतन्य कुलकर्णी एनेस्थिीसिया: डॉ. यशवंत धवले, डॉ बृजेश कौशल, डॉ. वंदना पांडे, डॉ. श्वेता श्रीवास्तव यूरोसर्जन: डॉ. सौरभ जैन, डॉ. अमित जैन जूनियर डॉक्टर: डॉ. शुभदीप, डॉ. आकांक्षा, डॉ. ऋचा, डॉ. सचिन
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput

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