सोहागपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

सोहागपुर। शिविर का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नर्मदापुरम के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सुबह 10 बजे आयोजित हुआ विधिक साक्षरता शिविर
शिविर का आयोजन सुबह 10 बजे किया गया, जिसमें विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्टाफ के साथ न्यायालय परिवार से न्यायिक मजिस्ट्रेट और स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना और न्यायिक मजिस्ट्रेट तेजदीप सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
ये भी पढ़ें: ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक OUT, खून से सनी शर्ट और मूंछों में दिखा रॉ अंदाज
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अवगत कराया जाना चाहिए।
रुचि के अनुसार शिक्षण पद्धति विकसित करने पर चर्चा
शिविर में विद्यालय में शिक्षा के स्तर में सुधार और विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप शिक्षण पद्धति विकसित करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और शिक्षा के साथ नए-नए कार्यों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
व्यावहारिक विज्ञान और दैनिक जीवन का ज्ञान जरूरी
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक विज्ञान और दैनिक जीवन से जुड़े उपयोगी विषयों का ज्ञान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान और रचनात्मक क्षमता का विकास भी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
ये भी पढ़ें: ₹2,700 की कैंसर दवा पर ₹27,000 MRP! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- आखिर इतनी महंगी क्यों?
प्रतिभा पहचानकर आगे बढ़ने के अवसर देने की बात
न्यायिक अधिकारियों ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करने को कहा। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया, वहीं कार्यक्रम में विद्यालय परिवार और न्यायालय से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।




















