भोपाल में मत्स्य महासंघ कार्यालय का मछुआरों ने किया घेराव, लंबित भुगतान को लेकर सौंपा ज्ञापन

भोपाल। मछुआरों का कहना है कि हर वर्ष जुलाई में मिलने वाला डिफर्ड वेज इस बार अब तक नहीं मिला है। कई अन्य योजनाओं का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है, जिससे परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।
डिफर्ड वेज और लंबित भुगतान को लेकर प्रदर्शन
हलाली डैम से जुड़े सैकड़ों मछुआरे शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ के संचालक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डिफर्ड वेज की राशि, लंबित भुगतान और अधिकारियों की कथित उदासीनता के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
बेगमगंज में पानी को लेकर दो पक्षों में विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला
कई योजनाओं का भुगतान अब तक नहीं मिला
मछुआरों ने बताया कि हर वर्ष जुलाई माह में मिलने वाला डिफर्ड वेज इस बार अब तक जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा 80-20 नाव-जाल योजना, मीनाक्षी विवाह योजना, मृत्यु सहायता राशि औरक प्रोत्साहन योजना सहित अन्य योजनाओं का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। इससे मछुआरा परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित हो रही है।
कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर मछुआरे
प्रदर्शन कर रहे मछुआरों का आरोप है कि भुगतान के लिए उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। कभी नई फाइल, कभी नए दस्तावेज और कभी अधिकारियों की अनुपस्थिति का हवाला देकर उन्हें टाल दिया जाता है। उनका कहना है कि बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, घरेलू खर्च, बैंक की किस्तें और इलाज जैसी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। इसके बाद उन्होंने विभाग के सीजीएम रवि गजभिए को ज्ञापन सौंपा।
'मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा व्यापक'
ज्ञापन में मछुआरों ने कहा कि हलाली डैम की मछुआरा समितियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है और मुख्यमंत्री भी उनके कार्यों की सराहना कर चुके हैं। इसके बावजूद आज उन्हें अपनी मेहनत की कमाई के लिए भटकना पड़ रहा है। मछुआरों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री, मत्स्य पालन मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाते हुए आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।












