ग्वालियर में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों का नेटवर्क! 19 मोबाइल, 17 ATM कार्ड और 38 सिम जब्त

ग्वालियर। गिरवाई-माधौगंज क्षेत्र में मकान की ऊपरी मंजिल से ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के डिपॉजिट-विथड्रॉल और बैंक खातों में रकम के लेन-देन का कथित नेटवर्क संचालित होने का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम विंग ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नेटवर्क से हर माह करीब 5 से 6 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। मामले में बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और कथित विदेश कनेक्शन की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर को सूचना मिलने पर माता वाली गली, सांवरिया धाम फेस-1 स्थित मकान की ऊपरी मंजिल पर दबिश दी गई। यहां चार युवक लैपटॉप और मोबाइल से काम करते मिले। उनकी पहचान राजा रायकवार (19), नीलेश रावत (20), पंकज पाल (18) और रानू रावत (19) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फेयरप्ले-1 डॉट कॉम वेबसाइट पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े डिपॉजिट और विथड्रॉल का काम करने की बात स्वीकार की।
व्हाट्सऐप से आते थे बैंक खातों के विवरण
पुलिस के मुताबिक, रकम मंगाने के लिए अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल होता था। व्हाट्सऐप पर खातों की जानकारी आने के बाद मोबाइल से रकम आने की पुष्टि की जाती और वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन स्वीकार किया जाता था। पूछताछ में उदय चौहान और संजय रावत के नाम सामने आए, जो कथित तौर पर बैंक खाते, मोबाइल, सिम, लैपटॉप और टैबलेट उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, युवकों को करीब 20 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था, जबकि सात दिन के हिसाब में उदय चौहान और संजय रावत को कथित तौर पर 4-5 लाख रुपये का फायदा होता था। पुलिस ने उदय चौहान को भी गिरफ्तार किया है।
दुबई-कंबोडिया-श्रीलंका कनेक्शन की जांच
पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क के दुबई, कंबोडिया और श्रीलंका से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इन देशों से जुड़े लोगों, वेबसाइट संचालन और रकम के अंतिम लाभार्थियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस उस व्यक्ति की भी तलाश कर रही है, जो कथित तौर पर म्यूल बैंक खाते, सिम और मोबाइल उपलब्ध कराता था।
बड़ी मात्रा में उपकरण जब्त
पुलिस ने कार्रवाई में 1 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 19 मोबाइल, 17 एटीएम कार्ड, 4 पासबुक, 9 चेकबुक और 38 सिमकार्ड जब्त किए हैं। डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच से लेन-देन का विस्तृत ब्योरा जुटाया जा रहा है। मामले में क्राइम ब्रांच ने बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट की धारा 4(ए) तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस संजय रावत सहित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
फैक्ट फाइल: पुलिस के मुताबिक हर माह 5-6 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन, सालाना अनुमान करीब 60 करोड़ रुपये, 19 मोबाइल, 17 एटीएम कार्ड और 38 सिम जब्त किए गए हैं।




















