Happy Independence Day
🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

Supreme Court : सीजेआई बोले-बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे, मीडिया, आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर करते हैं सिस्टम पर हमला

सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की सीनियर एडवोकेट पद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के वक्त मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। कोर्ट ने वकील के पेशेवर आचरण और सोशल मीडिया पोस्ट की भाषा पर भी कमेंट किए।
Follow on Google News
सीजेआई बोले-बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे, मीडिया, आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर करते हैं सिस्टम पर हमला
फाइल फोटो

नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं और सिस्टम पर सवाल उठाने वाले लोगों को लेकर तीखी टिप्पणी कर दी। कोर्ट में एक वकील की याचिका पर सुनवाई चल रही थी, लेकिन चर्चा उस टिप्पणी की होने लगी जिसमें CJI ने कुछ युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से कर दी। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। उन्होंने ऐसे युवाओं को परजीवी भी कहा।

Twitter Post

सीनियर एडवोकेट बनने की मांग विवाद की वजह 

मामला एक वकील की उस याचिका से जुड़ा था जिसमें उन्होंने खुद को सीनियर एडवोकेट का दर्जा देने की मांग की थी। भारत की न्यायिक व्यवस्था में 'सीनियर एडवोकेट' का दर्जा बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। यह कोई साधारण पदवी नहीं, बल्कि अदालत द्वारा किसी वकील के अनुभव, कानूनी समझ और पेशेवर आचरण को देखते हुए दिया जाने वाला सम्मान है। आमतौर पर कोई वकील खुद इसके लिए आवेदन नहीं करता, बल्कि अदालत अपने विवेक से यह सम्मान प्रदान करती है।

ये भी पढ़ें: Dhar Bhojshala Case : भोजशाला को मंदिर मानते ही मुस्लिम पक्ष बोला- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, अभी कानूनी लड़ाई बाकी

सोशल मीडिया व्यवहार पर बेंच नाराज 

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने जब यह मामला आया, तो वकील के पेशेवर आचरण और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर अदालत ने गंभीर नाराजगी जताई। सीजेआई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर दिल्ली हाई कोर्ट उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा दे भी देता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसे रद्द कर देगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह दर्जा 'कोई मेडल है जो सजावट के लिए रखा जाए।' अदालत ने यह भी पूछा कि क्या इस तरह के व्यवहार वाला व्यक्ति इस सम्मान का पात्र हो सकता है। बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा, 'पूरी दुनिया सीनियर (एडवोकेट) बनने की हकदार हो सकती है, लेकिन कम से कम आप इसके अधिकारी नहीं हैं।'

‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ वाली टिप्पणी पर मचा बवाल 

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, 'समाज में पहले से ऐसे ‘परजीवी’ हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं।' इसके बाद उन्होंने बेरोजगार युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 'कुछ बेरोजगार युवा जिन्हें कोई नौकरी नहीं मिलती और पेशे में कोई जगह नहीं होती, वो मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सबको निशाना बनाने लगते हैं।' इन्हीं लोगों को उन्होंने 'कॉकरोच जैसे युवा' बताया। अदालत ने वकील से यह भी पूछा कि क्या वह भी ऐसे लोगों के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं।

ये भी पढ़ें: Unnao Rape Case : कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सजा निलंबन पर हाई कोर्ट का आदेश रद्द

डिग्रियों पर सवाल और आखिर में याचिका वापस

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने वकालत की डिग्रियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि CBI कई वकीलों की डिग्रियों की जांच करे, क्योंकि उनकी सत्यता पर संदेह है। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि संस्था इस दिशा में कभी सख्त कदम नहीं उठाएगी, क्योंकि उसे वकीलों के वोटों की चिंता रहती है। हालांकि, मामले के अंत में संबंधित वकील ने अदालत से माफी मांगी और अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी। 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

icon

Latest Posts