PU Special :त्योहार में मांग से घी की कीमतों में उछाल, 5 किलो पैकिंग वाला 2,800 से बढ़कर 3,250 पहुंचा, पूजा के नाम पर बिक रहा नकली घी

राजीव कटारे, ग्वालियर। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही घी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। गणेश उत्सव से शुरू हुई मांग अब श्राद्ध पक्ष और नवरात्र के बाद दीपावली तक बढ़ने की संभावना है। खाने के साथ पूजा-पाठ में भी घी की बढ़ती खपत ने बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर पैदा कर दिया है। इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अमूल, पारस, नोवा और श्याम गोल्ड जैसे ब्रांडों के पांच किलो वाले पैक की कीमत 2,800-2,900 रुपये से बढ़कर 3,250 से 3,400 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, कुछ ब्रांडों की पांच किलो की पैकिंग बाजार से लगभग गायब हो गई है।
आमतौर पर गर्मियों में बढ़ते हैं घी के दाम
घी कारोबारियों के मुताबिक, आमतौर पर गर्मियों में घी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन जून-जुलाई के बाद मांग घटने से कीमतों में नरमी आ जाती है। इस बार लगातार धार्मिक त्योहार होने के कारण स्थिति अलग है। गणेश उत्सव के बाद श्राद्ध पक्ष और नवरात्र ने मांग को गति दी है, जबकि दीपावली तक यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। व्यापारियों का दावा है कि मांग तीन से चार गुना तक बढ़ गई है, लेकिन कंपनियों की उत्पादन क्षमता पहले जैसी होने से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
सस्ता पूजा घी भी 30-40 रुपये किलो महंगा
ब्रांडेड घी की कीमतें बढ़ने का असर सस्ते स्थानीय उत्पादों पर भी पड़ा है। बाजार में पूजा के नाम पर बिकने वाले माल्टेड फैट आधारित उत्पादों के दाम 280 रुपये किलो से बढ़कर 320 से 330 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों के अनुसार, इन उत्पादों की बिक्री में भी 35 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। हालांकि, ऐसे उत्पादों को बिना जांच के नकली या अखाद्य घोषित करना उचित नहीं है। उपभोक्ताओं को पैकिंग पर सामग्री, खाद्य श्रेणी और लेबल की जानकारी देखकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
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स्थानीय उत्पादन से पूरी नहीं हो रही बाजार की जरूरत
घी कारोबारियों का कहना है कि ग्वालियर अंचल में तीन बड़ी घी उत्पादन इकाइयां होने के बावजूद बाजार की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मालनपुर और भिंड क्षेत्र की इकाइयों के अलावा दूसरे ब्रांडों की आपूर्ति उत्तर प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से होती है। मांग बढ़ने के कारण अमूल जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के पांच किलो वाले पैक की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। कई दुकानों पर फिलहाल एक किलो की पैकिंग ही आसानी से मिल रही है।
मांग की तुलना में सप्लाई कम होने से बढ़े दाम
थोक घी कारोबारी महेश अग्रवाल का कहना है कि मांग के मुकाबले कंपनियों की आपूर्ति कम पड़ रही है। इसी कारण पांच किलो पैक की कीमतें 3200 से 3400 रुपये तक पहुंच गई हैं और कुछ ब्रांड बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। पूजा के नाम पर जो घी बाजार में बिक रहा है, वह खाने लायक नहीं रहता है।
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