कूनो नेशनल पार्क में 8 माह के चीता शावक की मौत, नामीबियाई 'आशा' ने दिया था जन्म

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा के एक शावक की मौत हो गई। करीब 8 माह का शावक सोमवार को मृत मिला। सुबह निगरानी के दौरान आशा अपने 5 शावकों में से 4 के साथ दिखाई दी थी। एक शावक नजर नहीं आने पर वन विभाग की टीम ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में उसका शव मिला। शावक की मौत किस वजह से हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। अधिकारियों के अनुसार, पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की जानकारी मिल सकेगी।
निगरानी के दौरान सामने आया मामला
सोमवार सुबह वन विभाग की टीम नियमित निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मादा चीता आशा अपने 4 शावकों के साथ दिखाई दी। पांचवें शावक के नजर नहीं आने पर टीम ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान शावक मृत अवस्था में मिला। इसके बाद शावक के शव का पीएम कराया गया।
कूनो में अब 53 चीते शेष
शावक की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 53 रह गई है। इनमें 40 चीते भारत में जन्मे हैं। पार्क में 15 चीते खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं। वहीं, देश के अन्य दो संरक्षित क्षेत्रों में भी चीते रखे गए हैं। गांधी सागर अभयारण्य में 4 और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते मौजूद हैं। इस शावक की मौत के बाद देश में चीतों की कुल संख्या 59 रह गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं।
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